गोरखपुर: आड़े-तिरछे नंबरों को नहीं पढ़ पा रहे कैमरे, सुधार नहीं हुआ तो गलत नंबर का कट सकता है चालान
यातायात एसपी एमपी सिंह ने कहा कि वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा। आईटीएमएस की व्यवस्था शुरू होने से पहले सभी पहलुओं पर विचार विमर्श कर उनका उपाय खोजा जाएगा।
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गोरखपुर शहर की यातायात को बेहतर बनाने के लिए लगे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के कैमरे नंबर प्लेट पर गलत तरीके से लिखी गई संख्या को नहीं पढ़ पा रहे हैं। कई चार पहिया वाहनों के पीछे लगे गार्ड की वजह से भी नंबर प्लेट की लिखावट पढ़ने में दिक्कत आ रही है। आईटीएमएस जब सक्रिय होगा तो ऐसी गलतियों की वजह से चालान करने में भी दिक्कत आएगी। गलत नंबर रीड होने के चलते दूसरे वाहनों का भी चालान कटने की आशंका है।
संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से वाहनों के नंबर प्लेट के लिए नियम बने हुए हैं। परंतु नियम तोड़ने को अपना अधिकार समझने वाले वाहन चालकों ने अपने नंबर प्लेट पर अपने हिसाब से लिखवाया है। किसी ने नंबर को हिंदी के शब्दों में लिखवा दिया है तो किसी ने अक्षरों को कलात्मक करा दिया है। कुछ तो ऐसे भी हैं, जिनके नंबर प्लेट पर कोई अंक या तो गायब हैं अथवा देखने पर दूसरा अंक प्रतीत होता है। मसलन 56 को 58 पढ़ा जा रहा है तो 58 भी 56 जैसा दिख रहा है।
गार्ड के चलते नहीं दिखता नंबर
चार पहिया वाहनों के पीछे सुरक्षा के लिहाज से चालक लोहे का गार्ड लगवाते हैं। इस गार्ड की वजह से नीचे लिखा नंबर प्लेट साफ दिखाई नहीं पड़ता है। शहर के प्रमुख चौराहों पर आईटीएमएस के तहत लगे कैमरे भी इनकी वजह से कई गाड़ियों का नंबर साफ नहीं पढ़ पा रहे हैं। परिवहन विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि गाड़ियों में इस तरह के लोहे का रॉड लगवाना गलत है।
केवल हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का ही होगा उपयोग
अब वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का ही उपयोग होना है। व्यावसायिक वाहनों के लिए एक सितंबर से ही यह नियम लागू भी हो चुका है। अन्य वाहनों के लिए समय सीमा निर्धारित है। अप्रैल 2019 से नई गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ही लग रहे हैं। पुराने वाहनों पर लगे नंबर प्लेट को भी बदलवाने की समय सीमा निर्धारित हो चुकी है।
नंबर के अलावा कुछ भी लिखना नियम विरुद्ध
वाहनों के नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा और कुछ भी लिखना नियम विरुद्घ है। गाड़ी के किसी भी हिस्से पर पद, व्यवसाय, संगठन आदि का नाम भी लिखवाना गलत है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना का प्रावधान है।
एआरटीओ प्रशासन श्यामलाल ने कहा कि वाहनों के नंबर प्लेट को लेकर सबसे अधिक शिकायतें हैं। हर महीने औसतन 60 से 70 चालान केवल गलत नंबर प्लेट के मामले में ही होता है। व्यावसायिक वाहनों के लिए अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लागू है। आईटीएमएस के विशेषज्ञों से बात कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
यातायात एसपी एमपी सिंह ने कहा कि वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा। आईटीएमएस की व्यवस्था शुरू होने से पहले सभी पहलुओं पर विचार विमर्श कर उनका उपाय खोजा जाएगा। जिनके नंबर प्लेट ठीक नहीं होंगे, अथवा गाड़ी पर नियम विरुद्घ तरीके से कोई उपकरण लगा पाया जाएगा तो कार्रवाई होगी।