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Gorakhpur News: माफिया अजीत शाही के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

Tue, 13 Jun 2023 01:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jun 2023 01:49 AM IST
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Bulldozer on illegal construction of Mafia Ajit Shahi
नगर निगम की 32 डिस्मिल जमीन पर कब्जा कर माफिया ने बना लिया था मैरिज हाउस
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आसपास की जमीनों पर भी कब्जे का संदेह, पुलिस-प्रशासन ने रहने वालों से दस्तावेज मांगे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। माफिया अजीत शाही के कब्जे वाली जमीन और अवैध निर्माण पर सोमवार को पुलिस-प्रशासन का बुलडोजर चल गया। माफिया पिछले 15 वर्षों से नगर निगम की 32 डिस्मिल जमीन पर कब्जा कर मैरिज हाउस चला रहा था, जिसे अब मुक्त कराया गया।
माफिया की पैठ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर निगम की जिस जमीन पर उसने कब्जा किया था, उसी नगर निगम के दस्तावेज में उसने अपनी मां और पत्नी का नाम भी दर्ज करा लिया था। पुलिस को संदेह है कि आसपास की जमीनों पर भी कब्जा है, जिसके दस्तावेज भी मांगे गए हैं। उधर, नगर निगम ने कैंट थाने में माफिया के खिलाफ जमीन कब्जा करने का केस दर्ज कराया है। जबकि एक दरोगा ने गीडा थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया है।
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अंडरग्राउंड क्राइम में सक्रिय माफिया की संपत्तियों की जांच पुलिस कर रही है। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि माफिया अजीत शाही पिछले 15 वर्षों से नगर निगम की जमीन पर कब्जा करके मैरिज हाउस चला रहा है। हालांकि, करीब एक साल से मैरिज हाउस संचालित नहीं हो रहा था, लेकिन जमीन माफिया के कब्जे में ही थी।
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पूरे दस्तावेज सामने आने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट प्रशासन को भेजी थी। डीएम के आदेश पर सोमवार को एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा व प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ पहुंच गई। बाउंड्रीवाल तोड़ने के साथ ही उसमें बने चार कमरे, किचन, शौचालय को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया।
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मां और पत्नी के नाम का लगा था बोर्ड
माफिया के कब्जे वाली जगह पर पुलिस को एक बोर्ड भी मिला है। दीवार पर माफिया अजीत शाही की मां और पत्नी के नाम का बोर्ड लगा था। पुलिस को संदेह है कि आसपास की जमीनों पर भी कब्जा है, लेकिन कोई माफिया के डर की वजह से सामने नहीं आया है। पुलिस ने वहां पर बसे लोगों से कागजात की मांग की है, ताकि सच्चाई पता चल सके।
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जेल में बंद है माफिया अजीत, दर्ज हैं 35 मुकदमे
माफिया अजीत शाही इस समय जेल के हाई सिक्योरिटी बैरक में है। उस पर अब तक 35 मुकदमे दर्ज हैं। कैंट, शाहपुर, गीडा, गुलरिहा के साथ ही जिले के कई थानों में अजीत शाही पर हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, रंगदारी, बलवा, गुंडा व गैंगस्टर जैसे गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, अधिकतर मुकदमों में वह बरी है।
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अब माफिया का मकान नहीं रहा भूलभुलैया जैसा
सोमवार को अतिक्रमण पर बुलडोजर चलने के बाद माफिया अजीत शाही का मकान अब भूलभुलैया वाला नहीं रहा। पुलिस का कहना है कि जब भी पुलिस अजीत शाही की खोजबीन में जाती थी, इसी रास्ते का इस्तेमाल कर सीधे हाइवे पर आ जाता था और फिर फरार हो जाता था। लेकिन, अब इस पर प्रशासन का कब्जा हो गया है और पीछे से हाइवे पर आने का रास्ता नहीं बचा।
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माफिया राकेश यादव के अवैध निर्माण पर भी जल्द चलेगा बुलडोजर
माफिया राकेश यादव के अवैध निर्माण पर भी पुलिस-प्रशासन बुलडोजर चलाने की तैयारी में है। खबर है कि इसके मकान के ध्वस्तीकरण का आदेश डीएम ने एक साल पहले ही दे दिया था, लेकिन माफिया ने कमिश्नर कोर्ट में अपील कर दी। अब पुलिस ने दस्तावेजों के साथ इसकी पैरवी शुरू कर दी है और आदेश को हासिल कर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। जीडीए से पता चला है कि जमीन का नक्शा भी पास नहीं है। इसके अलावा विनोद उपाध्याय समेत कुछ और माफिया की भी अवैध संपत्ति को खंगाला जा रहा है।



कोट
माफिया अजीत शाही ने नगर निगम की 32 डिस्मिल जमीन पर अवैध कब्जा किया था। डीएम के आदेश पर बुलडोजर से उसे जमींदोज कर दिया गया है। आगे भी कुछ जमीनों पर माफिया के कब्जे की जानकारी मिली है, उसके दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
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