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Gorakhpur News: फेफड़े की धमनी में जमा थक्का, बिना सर्जरी निकाला

Tue, 03 Mar 2026 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Tue, 03 Mar 2026 02:43 AM IST
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BRD Medical College doctors found success with MAT technology for patients with breathing problems
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में डॉक्टरों ने महिला के फेफड़े की फुफ्फुसीय धमनी में जमा रक्त का थक्का बिना ओपन सर्जरी के ''मेकैनिकल एस्पिरेशन थ्रॉम्बेक्टॉमी (एमएटी)'' तकनीक से थक्के को तोड़कर निकाल दिया। महिला को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। पहले ऐसे मामलों में बड़े ऑपरेशन की जरूरत पड़ती थी। अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुविधा होने से मरीजों का यही इलाज हो जाएगा।
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देवरिया की रहने वाली 60 वर्षीय महिला के पैर में एक महीने पहले फ्रैक्चर हो गया था। इस दौरान पैर को हिलाने-डुलाने में असमर्थ थीं। इस कारण रक्त संचरण सही से नहीं हो रहा था। इससे वहां रक्त का थक्का (ब्लड क्लॉट) बन गया। धीरे-धीरे यह थक्का शरीर की रक्त वाहिकाओं के माध्यम से हृदय से होते हुए फेफड़ों तक पहुंच गया। कुछ दिनों बाद महिला को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
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तीमारदार उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी इकोकार्डियोग्राफी (इको) और पल्मोनरी सीटी स्कैन कराई तो रिपोर्ट में पता चला कि फेफड़ों की प्रमुख धमनी (पल्मोनरी आर्टरी) में रक्त का बड़ा थक्का जमा है। डॉ. राजेंद्र सिंह ने डॉ. आशुतोष सिंह और डॉ. आशीष राघव के साथ दो घंटे में थक्के को निकाला। इंटरवेंशनल कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मरीज की स्थिति और आयु को देखते हुए इस विधि से इलाज करने का निर्णय लिया।
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लखनऊ से मंगाई मशीन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियालिटी ब्लॉक के कार्डियोलाजी विभाग के डॉक्टरों ने लखनऊ से 1.30 लाख रुपये में पल्मोनरी मैकेनिकल एस्पिरेशन थ्रोम्बेक्टोमी मशीन मंगाकर खून का थक्का निकाल लिया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली बार इस विधि से उपचार किया गया है। निजी अस्पतालों में इस विधि से उपचार का खर्च चार से पांच लाख रुपये है।

थक्का जमने के कारण
लंबे समय तक बेड रेस्ट या पैरालिसिस
फ्रैक्चर या सर्जरी के बाद अधिक समय तक चलने-फिरने में असमर्थता
हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से रक्त प्रवाह में रुकावट
मोटापा, मधुमेह, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन


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