{"_id":"693f0432eaf39ad1e60c5a27","slug":"brd-corruption-investigation-begins-principal-unaware-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1165535-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरडी : भ्रष्टाचार की जांच शुरू, प्राचार्य को नहीं है जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरडी : भ्रष्टाचार की जांच शुरू, प्राचार्य को नहीं है जानकारी
विज्ञापन
-प्राचार्य ने कहा, किसी भी जांच की जानकारी नहीं, हर सहयोग के लिए तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच प्रशासन ने शुरू करा दी है। हालांकि, प्राचार्य का कहना है कि अभी तक उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया है और न ही कोई लिखित जानकारी दी गई है। जांच के लिए आते हैं तो पूरा सहयोग करेंगे।
दरअसल, पिछले महीने लोकायुक्त के पास बस्ती निवासी अजीत प्रताप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने 32 पन्नों की विस्तृत शिकायत में कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके बाद लोकायुक्त की सिफारिश पर तीन सदस्यीय टीम इसकी जांच कर रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कहा गया है कि भ्रष्टाचार की व्यवस्था लंबे समय से जमी हुई है और इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना शासन की अनुमति के ही पैथोलॉजी जांच से जुड़ी एक फर्म के कॉन्ट्रैक्ट का नवीनीकरण कर दिया गया। इसे वित्तीय अनियमितता से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।अभी तक किसी भी जांच से संबंधी कोई भी सूचना या पत्र नही मिला है। यदि जांच की प्रक्रिया सामने आती है तो सहयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच प्रशासन ने शुरू करा दी है। हालांकि, प्राचार्य का कहना है कि अभी तक उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया है और न ही कोई लिखित जानकारी दी गई है। जांच के लिए आते हैं तो पूरा सहयोग करेंगे।
दरअसल, पिछले महीने लोकायुक्त के पास बस्ती निवासी अजीत प्रताप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने 32 पन्नों की विस्तृत शिकायत में कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके बाद लोकायुक्त की सिफारिश पर तीन सदस्यीय टीम इसकी जांच कर रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कहा गया है कि भ्रष्टाचार की व्यवस्था लंबे समय से जमी हुई है और इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना शासन की अनुमति के ही पैथोलॉजी जांच से जुड़ी एक फर्म के कॉन्ट्रैक्ट का नवीनीकरण कर दिया गया। इसे वित्तीय अनियमितता से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।अभी तक किसी भी जांच से संबंधी कोई भी सूचना या पत्र नही मिला है। यदि जांच की प्रक्रिया सामने आती है तो सहयोग किया जाएगा।
विज्ञापन