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बदल रहा है गोरखपुर: नए साल में गोरक्षनगरी को तोहफा राप्ती नदी में भी चलेंगे बोट और स्टीमर
Sat, 30 Dec 2023 12:38 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 30 Dec 2023 12:38 PM IST
सार
गोरखपुर में राप्ती नदी में बोट-स्टीमर चलाया जाएगा। यहां रिवर फ्रंट की तर्ज पर एकला बंधे पर बनने वाला आईलैंड तक पहुंचाएंगे। यहां बायो गार्डेन पार्क विकसित होगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पर्यटन के लिहाज से राप्ती नदी और आकर्षक बनने जा रहा है। राप्ती नदी के किनारे एकला बांध पर कूड़े के ढेर (लिगेसी वेस्ट) को टापू के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, इस टापू पर पौधे रोप कर हरा भरा बना दिया जाएगा। इस टापू तक तक पहुंचने के लिए नगर निगम राप्ती नदी में बोट और स्टीमर चलाएगा। इसके लिए नगर निगम योजना तैयार करने में जुट गया है।
एकला बांध पर रिवर फ्रंट आईलैंड विकसित करने की योजना को लेकर ग्रीनएड लैंडस्केप प्राइवेट लिमिटेड की टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। योजना के तहत नदी के मूर्त रूप से छेड़छाड़ नहीं होगा।
ग्रीनएड लैंडस्केप प्राइवेट लिमिटेड के श्रीवत्स शर्मा ने बताया कि राप्ती तट पर एकला बांध पर के बचे कूड़े के ढेर को को निस्तारित करने की जगह उसे प्राकृतिक तरीके से विकसित करते हुए टापू का रूप दिया जाएगा।
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इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में जाम: खेल नौ करोड़ रुपये का... ऑटो स्टैंड के नाम कर दिए प्रमुख चौराहे
मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि डिजाइन ऐसा तैयार किया जाएगा आंखों को चुभने वाली चीजों से आंखों का सुकून मिले। बचे स्थान पर बायो गार्डेन पार्क विकसित होगा। ऐसे में यहां विकसित होने वाला टापू पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। यहां तक पहुंचने के लिए नदी में स्टीमर और बोट भी चलाए जाएंगे, जो गोरक्ष घाट और श्रीराम घाट से लेकर रिवर फ्रंट और टापू तक ले जाएंगे।
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एकला बांध पर रिवर फ्रंट आईलैंड विकसित करने की योजना को लेकर ग्रीनएड लैंडस्केप प्राइवेट लिमिटेड की टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। योजना के तहत नदी के मूर्त रूप से छेड़छाड़ नहीं होगा।
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ग्रीनएड लैंडस्केप प्राइवेट लिमिटेड के श्रीवत्स शर्मा ने बताया कि राप्ती तट पर एकला बांध पर के बचे कूड़े के ढेर को को निस्तारित करने की जगह उसे प्राकृतिक तरीके से विकसित करते हुए टापू का रूप दिया जाएगा।
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मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि डिजाइन ऐसा तैयार किया जाएगा आंखों को चुभने वाली चीजों से आंखों का सुकून मिले। बचे स्थान पर बायो गार्डेन पार्क विकसित होगा। ऐसे में यहां विकसित होने वाला टापू पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। यहां तक पहुंचने के लिए नदी में स्टीमर और बोट भी चलाए जाएंगे, जो गोरक्ष घाट और श्रीराम घाट से लेकर रिवर फ्रंट और टापू तक ले जाएंगे।