{"_id":"662d94922941b60899069a7a","slug":"bls-and-acls-courses-will-start-in-aiims-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-540199-2024-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: एम्स में शुरू होगा बीएलएस और एसीएलएस पाठ्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: एम्स में शुरू होगा बीएलएस और एसीएलएस पाठ्यक्रम
Sun, 28 Apr 2024 05:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:43 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। एम्स हृदय रोगियों के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट एसीएलएस) प्रदाता और प्रशिक्षक पाठ्यक्रम शुरू करेगा। अमेरिकन हर्ट एसोसिएशन (एएचए) प्रमाणित यह पाठ्यक्रम शुरू करने वाला एम्स देश के चुनिंदा संस्थानों में होगा।
कार्यकारी निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल ने बताया कि बीएलएस और एसीएलएस प्रदाता और प्रशिक्षक पाठ्यक्रम का एक विशेष सत्र 17 से 21 अप्रैल तक एम्स परिसर में आयोजित किया गया था। उसमें एम्स संकाय सदस्यों के प्रारंभिक बैच को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया था। इस प्रशिक्षण पाठयक्रम की उपयोगिता को देखते हुए संस्थान में एक एएचए-प्रमाणित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने का निर्णय लिया गया।
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि एम्स इस प्रकार का प्रतिष्ठित केंद्र स्थापित करने वाला चुनिंदा केंद्रीय संस्थानों में से एक होगा। एएचए-प्रमाणित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से हृदय संबंधी आपात स्थितियों पर प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है। इस केंद्र की स्थापना से संस्थान के हृदय रोग से संबंधित विभाग के कर्मचारियों को भी बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
कार्यकारी निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल ने बताया कि बीएलएस और एसीएलएस प्रदाता और प्रशिक्षक पाठ्यक्रम का एक विशेष सत्र 17 से 21 अप्रैल तक एम्स परिसर में आयोजित किया गया था। उसमें एम्स संकाय सदस्यों के प्रारंभिक बैच को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया था। इस प्रशिक्षण पाठयक्रम की उपयोगिता को देखते हुए संस्थान में एक एएचए-प्रमाणित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि एम्स इस प्रकार का प्रतिष्ठित केंद्र स्थापित करने वाला चुनिंदा केंद्रीय संस्थानों में से एक होगा। एएचए-प्रमाणित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से हृदय संबंधी आपात स्थितियों पर प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है। इस केंद्र की स्थापना से संस्थान के हृदय रोग से संबंधित विभाग के कर्मचारियों को भी बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
विज्ञापन