फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Blood Mafia Name of laborer who gave cblood missing from BRD record

खून माफिया: खून देने वाले मजदूर का नाम रिकॉर्ड से गायब, बीआरडी के 4 स्टाफ घेरे में

Wed, 30 Aug 2023 10:43 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 30 Aug 2023 10:43 AM IST
सार

एएसपी मानुष पारिक ने कहा कि पुलिस सीडीआर खंगाल रही है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के रजिस्टर में केस दर्ज कराने वाले पीड़ित का नाम दर्ज नहीं था। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आगे अन्य जो भी दोषी मिलेगा, कार्रवाई की जाएगी।
 

विज्ञापन
Blood Mafia Name of laborer who gave cblood missing from BRD record
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जिस मजदूर गोरख का रक्तदान कराकर खून बेचने का मामला पकड़ा गया था, उसका नाम ही रिकॉर्ड में ही नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की इस रिपोर्ट के बाद पुलिस को यकीन हो गया है कि खून माफिया का नेटवर्क बहुत अंदर तक और बड़ा है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।

विज्ञापन


वही, पुलिस ने एक महीने में रक्तदान करने वालों की सूची भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांगी है। सूची आने के बाद सभी रक्तदाताओं की पुलिस जांच करेगी। अगर इसमें से कोई मजदूर निकलता है तो उससे इस नेटवर्क से संबंध खंगालने की तैयारी है। उधर, दो वार्ड बॉय समेत चार कर्मचारियों की भूमिका की जांच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपने स्तर से भी शुरू करा दी है।
विज्ञापन


खून का धंधा करने के मामले की परत धीरे-धीरे खुलती जा रही है। जांच में सामने आया है कि खून माफिया तिवारीपुर के बिंद तोला निवासी वसील खान व एजेंट महराजगंज के फरेंदा निवासी केशर देव ने पिछले 6 महीने में 50 से ज्यादा लोगों को खून निकलवाकर दिया है। यानी इतने मजदूरों से ये लोग खून निकलवा चुके हैं। पुलिस अब गिरफ्तार वसील खान व केशर देव के मोबाइल फोन की सीडीआर भी निकलवाकर जांच कर रही है। 50 से ज्यादा खून लेने व देने वालों को भी बुलाकर बयान दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: बंद हो सकती हैं बड़ौदा यूपी बैंक की 268 शाखाएं, जानिए क्या है बड़ी वजह
 

जांच में सामने आया है कि ब्लड बैंक के रजिस्टर में खून देने वाले गोरख का नाम ही दर्ज नहीं है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि ऐसा कैसे हुआ और इसमें किसकी मिलीभगत है। अभी तक की जांच में पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी भी इस नेटवर्क में शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सरगना वसील पहले नगर निगम का सफाई कर्मी था। वर्तमान में वह खून की दलाली कर रहा है। खजांची चौराहे से मजदूरों को 5 से 6 हजार प्रति यूनिट खून डोनेट करने पर तय कर ब्लड बैंक ले जाते हैं। वहां खून निकलवाकर जरूरतमंद को 10 हजार प्रति यूनिट बेचते हैं और 1500 से 2500 प्रति यूनिट मुनाफा कमाते हैं। एजेंट केशर देव भी मजदूर है। ये लोग हर हफ्ते 2 से 3 लोगों से खून निकलवाकर बेचते थे।

इसे भी पढ़ें: सीएम योगी के आदेश पर दोबारा सर्वे पूरा, अब 32 मकान ही टूटेंगे

मजदूर ने बताया था बेचा गया था खून, आ गया था चक्कर

पुलिस ने रविवार की शाम को वसील खान खजांची चौराहे से महराजगंज के पनियरा निवासी मजदूर गोरख चौहान को 6 हजार में एक यूनिट खून देने की बात कहकर ले गया। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में केशर देव मिला। उसने उसका खून निकलवाया। खून, पिपराइच के रुदलापुर के मरीज मोहन को 10 हजार में बेच दिया। बाद में खून देने वाले गोरख को सिर्फ 1100 रुपये देकर मारपीट कर भगा दिया था।

इसे भी पढ़ें: अयोध्या जा रहे श्रद्धालुओं के ऑटो में मारी टक्कर, एक की मौत

इसके बाद गोरख की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर वसील और केशव को गिरफ्तार कर लिया था। उसने यह भी बताया था कि खून निकलने के बाद उसे चक्कर आ गया था। इससे वह गिर भी गया था। यह बात दर्ज एफआईआर में भी लिखी गई है।

पुलिस की पहल, इमरजेंसी एप लांच किया

अब पुलिस विभाग ने एक इमरजेंसी एप लांच किया है। एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिसे भी खून की जरूरत हो, वह इस एप पर ब्लड जरूरत की सूचना देगा तो रक्तदान करने वाले सिपाही तत्काल निशुल्क रक्त उपलब्ध कराएंगे। साथ ही लोग सिपाही राजन को 8924091231 पर काॅल कर सकते हैं। यह रक्तदान निशुल्क करेंगे।

इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो: बोनट पर बैठ खिलौना असलहा से रील बनाना पड़ा महंगा, 14 हिरासत में

एएसपी मानुष पारिक ने कहा कि पुलिस सीडीआर खंगाल रही है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के रजिस्टर में केस दर्ज कराने वाले पीड़ित का नाम दर्ज नहीं था। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आगे अन्य जो भी दोषी मिलेगा, कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed