Exclusive: गोरखपुर में जरूरतमंदों के कंबल कूड़ा-सिल्ट वाली गाड़ी से पहुंचाएंगे...बीमारी फैलाएंगे
मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि शासन की मंशा के तहत गरीब, बेसहारा लोगों में कंबल वितरित करवाया जा रहा है। अगर कूड़ा-सिल्ट ढोने वाली गाड़ी से कंबल ले जाया जा रहा है तो यह गलत है। संबंधित जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी।
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ठंड में जरूरतमंदों में वितरित करने के लिए लाए गए कंबल को नगर निगम की कूड़ा-सिल्ट ढोने वाली गाड़ी से पहुंचाया जा रहा है। मंगलवार को वार्ड नंबर 72 में वितरण के लिए कंबल को ले जाते जिसने भी देखा, उन्होंने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाया। चिकित्सकों का कहना है कि गंदगी में रखे कंबल से उसका इस्तेमाल करने वालों को एलर्जी और पेट संबंधित बीमारी हो सकती है।
हद तो यह है कि निगम के नए भवन के अंदर बैठक कर नगर आयुक्त जब स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेघर, गरीब, निराश्रित, असहाय लोगों को कंबल वितरित किए जाने का निर्देश दे रहे थे, तभी कीचड़ सनी गाड़ियों पर कंबल रखा जा रहा था, लेकिन कर्मचारियों की इस हरकत पर किसी की नजर नहीं गई।
मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे नगर निगम के नए भवन में एक कमरे में रखे प्लास्टिक में पैक कंबल बाहर निकाले गए। प्लास्टिक के तीन बोरों में इन कंबलों को रखा गया था। बोरे को सिलाई कर धागे से बांधा गया था। कुछ जगह से सिलाई खुली हुई थी और कंबल का कुछ हिस्सा बाहर की तरफ दिख रहा था।
नगर निगम के कर्मचारियों ने कंबल को कूड़ा-सिल्ट ढोने वाली गाड़ी में रखा। पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि ये कंबल वार्ड नंबर 72 में जरूरतमंदों को बांटने के लिए ले जा रहे हैं। नगर निगम में सिल्ट ढोने वाली गाड़ी में जब ये कंबल रखे जा रहे थे तो उस वक्त अफसर अपने कार्यालय में ही मौजूद थे।
बांटने के लिए मंगवाए गए हैं 50 हजार कंबल
नगर निगम की तरफ से 50 हजार कंबल बांटने के लिए मंगवाए गए हैं। इन्हें वार्डों तक पहुंचाने का जिम्मा सुपरवाइजर और बांटने का जिम्मा स्थानीय पार्षद का है। मंगलवार को कई वार्डों में ये कंबल भेजे गए थे। ऐसे में एक ही दिन में मनमाने तरीके से गरीबों तक भेजे जाने वाले कंबलों को भेज दिया गया।
नगर निगम के एक तत्कालीन सपा पार्षद पर कंबल रख लेने का आरोप लगा था। इसे लेकर एक वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि पार्षद ने इससे इनकार किया था।
मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि शासन की मंशा के तहत गरीब, बेसहारा लोगों में कंबल वितरित करवाया जा रहा है। अगर कूड़ा-सिल्ट ढोने वाली गाड़ी से कंबल ले जाया जा रहा है तो यह गलत है। संबंधित जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी।
एमडी मेडिसिन डॉ पंकज ने कहा कि नाली की गंदगी या सिल्ट को गिराने के बाद उसे साफ करना बहुत जरूरी है। नहीं करने पर इनसे बैक्टीरिया के फैलने का खतरा बना रहता है। अगर किसी तरह यह बैक्टीरिया किसी भी स्वस्थ इंसान के संपर्क में आ गया तो डायरिया, पेट संबंधी अन्य बीमारियों का खतरा बन जाता है। स्किन पर भी एलर्जी हो सकती है।