अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: पहले खुद लगवाया टीका, अब जगा रहे अलख
कोरोना महामारी के बीच जब बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत हुई तो अभिभावकों के मन में तमाम तरह के सवाल थे। डर था कि टीका सुरक्षित है या नहीं। इन्हीं मिथकों को तोड़ते हुए कुछ युवा और किशोर आगे आए और पहले खुद टीका लगवाया फिर दूसरों को जागरूक कर रहे हैं।
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कोरोना महामारी के बीच जब बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत हुई तो अभिभावकों के मन में तमाम तरह के सवाल थे। डर था कि टीका सुरक्षित है या नहीं। इन्हीं मिथकों को तोड़ते हुए कुछ युवा और किशोर आगे आए और पहले खुद टीका लगवाया फिर दूसरों को जागरूक कर रहे हैं।
ये युवा और किशोर लोगों के बीच जाकर टीकाकरण के फायदें भी बता रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीका सुरक्षित और असरदार है। इसे जरूर लगवाएं। तीसरी लहर में टीका ने ही सबको बचाया है।
टीका लगवाने के बाद डर खत्म हो गया
पापा और मम्मी के मन में कई तरह के सवाल थे। इसकी वजह से मुझे भी डर लग रहा था। लेकिन, जब टीका लगवा लिया तो सारा डर छू मंतर हो गया। दोनों डोज लगवा चुका हूं। अगर बूस्टर डोज लगवाने की बात होगी तो सबसे पहले लगवाऊंगा। सारे दोस्त भी टीका लगवा चुके हैं।-मोहम्मद एहतेशाम
खुद के साथ दोस्तों को भी लगवाया टीका
पहले खुद टीका लगवाया और उसके बाद दोस्तों को भी बूथ तक ले जाकर टीका लगवाई हूं। पहले चरण में ही टीका लगवाने का फायदा यह हुआ कि दोनों डोज लग चुकी है। सोशल मीडिया के जरिये लोगों को टीकाकरण के फायदें भी बता रही हूं। इसका असर यह है कि जानने वाले लोग टीका लगवाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। -राजश्री पांडेय
टीका सुरक्षित और असरदार
कोरोनारोधी टीका सुरक्षित और असरदार है। टीका लगवाने के बाद कोई भी दिक्कत नहीं हुई। दोनों डोज लगवा चुकी हूं। घर के सभी लोग टीका लगवा चुके हैं। मम्मी और पापा को बूस्टर डोज भी लग चुका है। आसपास के लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक भी कर रही हूं। सभी को टीका जरूर लगवाना चाहिए। -अंशुटीकाकरण ने संक्रमण से बचाया
अभिभावकों से अपील है कि टीकाकरण अवश्य कराएं। टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। इसका नतीजा तीसरी लहर में हम लोग देख चुके हैं। टीकाकरण की वजह से लोग तीसरी लहर में संक्रमण से बच गए। घर के लोग भी संक्रमित हुए, लेकिन टीकाकरण की वजह से कोई खास दिक्कत नहीं हुई। -अभिनव यादवटीकाकरण की वजह से बंदिशों से मिली आजादी
कोरोना महामारी के बीच हम लोगों ने काफी बंदिशें झेली हैं। टीकाकरण की वजह से हमें आजादी मिली है। टीकाकरण की शुरुआत होते ही सबसे पहले टीका लगवाई। खुद के साथ अपने दोस्तों और अपने रिश्तेदारों के बच्चों को भी प्रेरित किया। इसका असर यह हुआ कि मोहल्ले के सभी बच्चे टीका लगवा चुके हैं।-अदिती सिंह100 फीसदी पहुंचा किशोरों का टीकाकरण
कोरोना टीकाकरण में 15 से 18 वर्ष के किशोरों ने रुचि दिखाई है। इसका असर यह रहा है कि पहली डोज का आंकड़ा 100 फीसदी पहुंच गया है। इस पर विभाग ने राहत की सांस ली है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि किशोर, टीका लगवाने के लिए आगे आए हैं। इस अभियान में अभिभावकों की भूमिका भी सराहनीय रही है। यही वजह है कि 3,10,101 किशोरों ने पहली डोज लगवाकर 100 फीसदी आंकड़े को पूरा कर लिया है। जबकि, 89 फीसदी किशोरों को दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है। इनमें 2,78,204 किशोर शामिल हैं। वहीं, 12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण का आंकड़ा भी 77.49 फीसदी पहुंच गया है। इसके तहत 1,45,767 लोगों को पहली डोज लगाई गई है। वहीं, दूसरी डोज की संख्या 75,890 यानी कि 40.34 फीसदी पहुंच गई है।