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Gorakhpur News: एमएमएमयूटी में अब एमफार्म की भी होगी पढ़ाई
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अब एमफार्म की भी पढ़ाई होगी। एमकॉम में दो पाठ्यक्रमों के संचालन को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से मंजूरी मिली है। बीफार्म की सीटें भी अब 60 से बढ़ाकर 100 कर दी गई हैं। सत्र 2026-27 से विद्यार्थी इन विषयों में प्रवेश ले सकेंगे।
एमएमएमयूटी ने बीफार्म में सीट वृद्धि और एमफार्म के संचालन के लिए पीसीआई के पास आवेदन किया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में पीसीआई की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया था। टीम ने शैक्षणिक संरचना, प्रयोगशाला सुविधाओं, संकाय की संख्या, अनुसंधान क्षमताओं व नियामक मानकों के अनुपालन की जांच की थी। जांच में सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद यह स्वीकृति दी गई है।
इसके तहत मास्टर ऑफ फार्मेसी (एमफार्म) में फार्मास्यूटिक्स और फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में 15-15 सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है। विश्वविद्यालय में सत्र 2021-22 से ही बीफार्म की पढ़ाई हो रही है। इसकी मांग को देखते हुए सीट वृद्धि के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन प्रयास कर रहा था। इस दिशा में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सफलता मिली है।
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नवाचार व अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
एमएमएमयूटी प्रशासन के मुताबिक, इस विस्तार एवं नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत का उद्देश्य फार्मासिस्ट एवं शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा व फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सार्थक योगदान दिया जा सके। इससे फार्मास्युटिकल विज्ञानों में नवाचार, अनुसंधान उत्कृष्टता एवं उद्योग-उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
इस संबंध में कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि यह मंजूरी विश्वविद्यालय की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है जो उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने व फार्मेसी के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। यह कदम न केवल छात्रों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा बल्कि उत्तर प्रदेश एवं पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण फार्मास्युटिकल पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
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एमएमएमयूटी ने बीफार्म में सीट वृद्धि और एमफार्म के संचालन के लिए पीसीआई के पास आवेदन किया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में पीसीआई की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया था। टीम ने शैक्षणिक संरचना, प्रयोगशाला सुविधाओं, संकाय की संख्या, अनुसंधान क्षमताओं व नियामक मानकों के अनुपालन की जांच की थी। जांच में सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद यह स्वीकृति दी गई है।
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इसके तहत मास्टर ऑफ फार्मेसी (एमफार्म) में फार्मास्यूटिक्स और फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में 15-15 सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है। विश्वविद्यालय में सत्र 2021-22 से ही बीफार्म की पढ़ाई हो रही है। इसकी मांग को देखते हुए सीट वृद्धि के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन प्रयास कर रहा था। इस दिशा में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सफलता मिली है।
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नवाचार व अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
एमएमएमयूटी प्रशासन के मुताबिक, इस विस्तार एवं नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत का उद्देश्य फार्मासिस्ट एवं शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा व फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सार्थक योगदान दिया जा सके। इससे फार्मास्युटिकल विज्ञानों में नवाचार, अनुसंधान उत्कृष्टता एवं उद्योग-उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
इस संबंध में कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि यह मंजूरी विश्वविद्यालय की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है जो उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने व फार्मेसी के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। यह कदम न केवल छात्रों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा बल्कि उत्तर प्रदेश एवं पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण फार्मास्युटिकल पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।