गोरखपुर: दोस्त के तमंचे से बीकॉम के छात्र को लगी गोली, बर्थडे पार्टी से लौटने के बाद हुआ हादसा
- बर्थडे पार्टी से लौटने के बाद तमंचा दिखाने के दौरान हुआ फायर
- भाई ने दी थी लूट में नाकाम होने पर गोली मारने की गलत सूचना
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जन्मदिन पार्टी से लौटे बीकाम के छात्र उत्कर्ष यादव (18) के दाहिने पैर में शनिवार की रात गोली लग गई। उत्कर्ष के भाई दीपक ने पुलिस को फोन कर लूट में नाकामयाब होने पर बदमाशों द्वारा गोली मारे जाने की सूचना दी। पुलिस ने जांच की तो यह सूचना झूठी निकली। पता चला कि बेतियाहाता निवासी उत्कर्ष रात में दोस्त मयंक के साथ लौटा था। घर पहुंचने पर मयंक ने उत्कर्ष को तमंचा दिखाया। देखने के दौरान ही फायर होने से गोली उत्कर्ष को लग गई।
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से देवरिया कोतवाली के बरियारपुर निवासी विजयसेन यादव का बेटा उत्कर्ष यादव बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह पैडलेगंज में किराये का कमरा लेकर भाई दीपक के साथ रहता है। दीपक भी एमजी इंटर कॉलेज का छात्र है। शनिवार को उत्कर्ष के चिलबिलवा निवासी मित्र चंदन का जन्मदिन था। रात में आयोजित पार्टी में उत्कर्ष समेत कई लोग शामिल थे। पार्टी खत्म होने के बाद उत्कर्ष अपने दोस्त मयंक के साथ लौटा। बेतियाहाता के पास आने पर मयंक ने उत्कर्ष को तमंचा दिखाया और फिर गोली चल गई।
गोली लगने से घायल उत्कर्ष ने मयंक को बचाने की नीयत से भाई को झूठी सूचना दी कि उसके साथ कुसम्ही जंगल में लूट की कोशिश हुई और सफल ना होने पर बदमाशों ने गोली मार दी है। इस सूचना पर सीओ कैंट सुमित शुक्ला फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए फिर जांच की गई तो वहां पर ऐसा कुछ भी होना नहीं पाया गया। बाद में मेडिकल कॉलेज में उत्कर्ष से कड़ाई से पूछताछ करने पर मामला खुलकर सामने आया है। सच्चाई सामने आने के बाद उत्कर्ष के पिता की तहरीर पर मयंक के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।
तीन तरह के दिए बयान
घायल उत्कर्ष ने भाई के जरिये पुलिस को जो सूचना दिलाई थी उसमें बताया था कि कुसम्ही जंगल में लूट में असफल होने पर बदमाशों ने उसे गोली मारी है। फिर पुलिस ने जांच शुरू की तो उसने बताया कि रजही के पास गोली मारी गई है। दो बार अलग-अलग बयान आने के बाद ही पुलिस को संदेह हो गया था और फिर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने तीसरा और सही बयान दिया कि बेतियाहाता में दोस्त मयंक के तमंचे से उसे गोली लगी है।
सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने कहा कि उत्कर्ष को गोली दोस्त मयंक के तमंचे से लगी है। उसने पुलिस को गुमराह करते हुए गलत सूचना दी जो जांच में पूरी तरह से झूठी पाई गई है। उत्कर्ष के पिता की तहरीर पर मयंक के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपित की तलाश की जा रही है।