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Gorakhpur News:टीबी और कुष्ठ रोगी खोजने में मददगार बनेंगे आयुष चिकित्सक
Thu, 08 Feb 2024 06:45 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: रोहित सिंह
Updated Thu, 08 Feb 2024 06:45 PM IST
सार
आयुष, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सक भी टीबी और कुष्ठ रोगी खोज कर उनका उपचार करवाने में मददगार बनेंगे। इसी उद्देश्य से जिले के 300 से अधिक चिकित्सकों का एनेक्सी भवन सभागार में बृहस्पतिवार को प्रशिक्षित किया गया।
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स्वास्थ्य विभाग ढूंढेगा कुष्ठ रोगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आयुष, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सक भी टीबी और कुष्ठ रोगी खोज कर उनका उपचार करवाने में मददगार बनेंगे। इसी उद्देश्य से जिले के 300 से अधिक चिकित्सकों का एनेक्सी भवन सभागार में बृहस्पतिवार को प्रशिक्षित किया गया।
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कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला क्षय और जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. गणेश यादव ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर जांच की सुविधा उपलब्ध है। टीबी मरीज जब उपचार लेना शुरू कर देता है तो तीन सप्ताह के बाद उससे दूसरे लोगों को टीबी संक्रमण की आशंका नहीं रह जाती है। सभी चिकित्सकों को चाहिए कि अपने ओपीडी में आने वाले मरीजों में से पांच से दस फीसदी की टीबी जांच अवश्य करवाएं।
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कार्यक्रम को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ मीनू सोनी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. मीना दोहरे, मंडलीय यूनानी अधिकारी डॉ अब्दुल बारी और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. धनंजय आनंद ने भी संबोधित किया। इस मौके पर उप जिला क्षय रोग अधकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ भोला गुप्ता, विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसल्टेंट डॉ दीपक चतुर्वेदी, डीपीसी धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्र, मिर्जा आफताब बेग और आसिफ प्रमुख तौर पर मौजूद रहे ।
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