अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2023: सपनों को पूरा करने का हौसला और ललक भी, उत्साहित दिखे विद्यार्थी
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए सड़क से परीक्षा केंद्रों तक उमड़े विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में अनुशासन देखने को मिला। जिले में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण यह परीक्षा तीन केंद्रों पर कराई गई। कुल नामांकित 1641 में 918 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को जिले के दो संस्थानों के तीन केंद्रों पर अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी उत्साहित नजर आए। उनमें सपनों को पूरा करने की ललक दिखाई दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों ने सेल्फी लेकर इस पल को संजोया।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए सड़क से परीक्षा केंद्रों तक उमड़े विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में अनुशासन देखने को मिला। जिले में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण यह परीक्षा तीन केंद्रों पर कराई गई। कुल नामांकित 1641 में 918 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूसड़ में कक्षा 11 व 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा हुई । यहां नामांकित 957 में 510 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि नौंवी और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा महाराणा प्रताप कृषक इंटर कॉलेज में हुई। यहां नामांकित 665 अभ्यर्थियों में से 390 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, राजकीय स्पर्श दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज लालडिग्गी में 19 नामांकित विद्यार्थियों में 18 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
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दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने दी सपनों को उड़ान
गोरखपुर में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन रविवार को राजकीय स्पर्श दृष्टिबाधित इंटर कॉलेज में भी किया गया, जहां 18 दृष्टिबाधितों प्रतिभागियों ने परीक्षा में शामिल होकर अपने सपनों को उड़ान दी। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने कहा कि इस सराहनीय पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़-लिखकर भविष्य संवारने में मदद मिलेगी।
पहली पाली में सुबह 11 बजे से आयोजित परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थी सुबह 10 बजे से ही केंद्र पर पहुंचने लगे थे। प्रधानाचार्य लक्ष्मी शंकर जायसवाल ने कहा कि छात्रवृत्ति के माध्यम से बच्चों के आगे की पढ़ाई की राह आसान हो जाती है। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में शिक्षक विनोद कुमार, प्रदीप मिश्रा, शारदा प्रसाद प्रजापति, राजकुमार यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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इनकी रही विशेष भूमिका
परीक्षा को संपन्न कराने में डॉ. सुबोध कुमार मिश्र, डॉ. विजय कुमार चौधरी, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. इक्ष्वाकु प्रताप सिंह, नंदन शर्मा, डॉ. मंजेश्वर, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. शिव कुमार बरनवाल, डॉ. अखिलेश कुमार गुप्ता, श्रीकांत मणि त्रिपाठी, ओम प्रकाश और शैलेष की विशेष भूमिका रही।
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बोले परीक्षार्थी
परीक्षा की तैयारी के लिए मेहनत की थी। अब परिणाम का इंतजार रहेगा। अगर छात्रवृत्ति मिली तो आगे के पढ़ाई की राह आसान हो जाएगी।-रिया शर्मा
परीक्षा अच्छी हुई है। लेकिन प्रश्न थोड़े कठिन थे, जिन्हें हल करने में ज्यादा समय लग गया। थोड़ा और समय मिला होता तो और बेहतर पेपर होता।-अमर साहनी
परीक्षा देकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस तरह की परीक्षाएं आगे की बड़ी परीक्षाओं के लिए काफी मददगार साबित होती हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ जाता है।-काश्वी राय
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पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने आया था। अगर छात्रवृत्ति मिल गई तो इससे आगे की पढ़ाई बेहतर तरीके से कर सकूंगी, इससे काफी सहूलियत होगी।-आराधना पांडेय
प्रतियोगी परीक्षाओं के सवाल कैसे होते हैं, इस परीक्षा को देने के बाद पता चला। छात्रवृत्ति मिली तो भविष्य में पढ़ाई करने में काफी राहत मिलेगी।-पंकज राय
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किसी प्रतियोगी परीक्षा की तरह इस छात्रवृत्ति परीक्षा को लिया है। छात्रवृत्ति परीक्षा से प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी हो सकी है। -आस्था सिंह
इस परीक्षा से आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में आसानी होगी। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।-आदित्य कुमार।