{"_id":"6241a38394ba8021b9730009","slug":"ats-arrested-pakistani-handler-from-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएस को बड़ी कामयाबी: पाकिस्तानी आतंकियों का मददगार मानवेंद्र सिंह गोरखपुर से गिरफ्तार, हवाला से भेजता था रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएस को बड़ी कामयाबी: पाकिस्तानी आतंकियों का मददगार मानवेंद्र सिंह गोरखपुर से गिरफ्तार, हवाला से भेजता था रुपये
Tue, 29 Mar 2022 10:08 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 29 Mar 2022 10:08 AM IST
सार
यूपी एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। पाकिस्तानी आतंकियों के मददगार को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। मानवेंद्र आतंकियों के लिए हैंडलर के रूप में काम करता था। साथ ही उन तक हवाला के जरिए पैसे पहुंचाता था।
विज्ञापन
पाकिस्तानी आतंकियों को हवाला से रुपये भेजने वाले गोरखपुर से हैंडलर मानवेन्द्र सिंह को यूपी एटीएस ने किया गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तानी हैंडलर के पास हवाला के माध्यम से धन पहुंचाने वाले गिरोह के एक और गुर्गे मानवेंद्र सिंह यादव उर्फ मनीष को एटीएस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। 25 हजार का इनामी मानवेंद्र चार साल से फरार था। गिरोह के अन्य गुर्गे गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, 24 मार्च 2018 को एटीएस ने मोबाइल कारोबारी अरशद नईम, नसीम अहमद, मुकेश प्रसाद, मुशर्रफ अंसारी उर्फ निलिख, सुशील राय उर्फ अंकुर राय व दयानंद यादव को पकड़ा था। अरशद नईम व नसीम अहमद के पास से एटीएस ने 46 लाख रुपये बरामद किए थे। बड़ी संख्या में बैंकों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड मिले थे। पूछताछ के बाद मानवेंद्र और दिनेश कुमार सिंह उर्फ अजय सिंह उर्फ एके सिंह का नाम सामने आया था। एके सिंह को एटीएस ने दो सितंबर 2021 को गिरफ्तार किया था।
एटीएस की जांच में पता चला था कि हवाला के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों में पैसा लगाया जा रहा है। पाकिस्तानी हैंडलरों के कहने पर फर्जी दस्तावेज पर बैंकों में खाता खुलवा कर धोखाधड़ी करके जनता से पैसे मंगवाया जाता था। इसके बाद उसे निकाल कर हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर को पहुंचाया जाता था। जांच में पता चला था कि मुशर्रफ से मिलकर दिनेश कुमार ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंकों में विभिन्न नामों से खाता खुलवाता था। खातों को मुशर्रफ को दे देता था, जिसमें जमा किए गए पैसे को निकाल कर हवाला के माध्यम से भेजा जाता था।
विज्ञापन
अभियुक्त मानवेंद्र का नाम पुलिस को मुशर्रफ के पास से मिले एटीएम कार्ड और पासबुक से मिला था। मुशर्रफ के फर्जी दस्तावेज पर मनीष का नाम और फोटो था। पता चला कि मानवेंद्र अपनी फोटो लगाकर विभिन्न बैंकों में फर्जी खाता खुलवाता था और एटीएम कार्ड मुशर्रफ उर्फ निखिल राय अपने पास रखता था। जांच में पता चला कि मनीष गैंग का प्रमुख गुर्गा है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, 24 मार्च 2018 को एटीएस ने मोबाइल कारोबारी अरशद नईम, नसीम अहमद, मुकेश प्रसाद, मुशर्रफ अंसारी उर्फ निलिख, सुशील राय उर्फ अंकुर राय व दयानंद यादव को पकड़ा था। अरशद नईम व नसीम अहमद के पास से एटीएस ने 46 लाख रुपये बरामद किए थे। बड़ी संख्या में बैंकों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड मिले थे। पूछताछ के बाद मानवेंद्र और दिनेश कुमार सिंह उर्फ अजय सिंह उर्फ एके सिंह का नाम सामने आया था। एके सिंह को एटीएस ने दो सितंबर 2021 को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
एटीएस की जांच में पता चला था कि हवाला के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों में पैसा लगाया जा रहा है। पाकिस्तानी हैंडलरों के कहने पर फर्जी दस्तावेज पर बैंकों में खाता खुलवा कर धोखाधड़ी करके जनता से पैसे मंगवाया जाता था। इसके बाद उसे निकाल कर हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर को पहुंचाया जाता था। जांच में पता चला था कि मुशर्रफ से मिलकर दिनेश कुमार ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंकों में विभिन्न नामों से खाता खुलवाता था। खातों को मुशर्रफ को दे देता था, जिसमें जमा किए गए पैसे को निकाल कर हवाला के माध्यम से भेजा जाता था।
विज्ञापन
अभियुक्त मानवेंद्र का नाम पुलिस को मुशर्रफ के पास से मिले एटीएम कार्ड और पासबुक से मिला था। मुशर्रफ के फर्जी दस्तावेज पर मनीष का नाम और फोटो था। पता चला कि मानवेंद्र अपनी फोटो लगाकर विभिन्न बैंकों में फर्जी खाता खुलवाता था और एटीएम कार्ड मुशर्रफ उर्फ निखिल राय अपने पास रखता था। जांच में पता चला कि मनीष गैंग का प्रमुख गुर्गा है।