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UP: सीएम योगी ने कहा- 'जीवन का उद्देश्य सिर्फ 'नौकरी'-'डिग्री' हासिल करना नहीं हो सकता, विजन और एक्शन भी जरूरी
Tue, 10 Dec 2024 04:39 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 10 Dec 2024 04:39 PM IST
सार
मुख्य अथिति नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने अपने उद्बोधन में कहा की मानव के लिए करुणा और चेतना होनी आवश्यक है। दुनिया में आज युद्ध से करीब 25 करोड़ बच्चों की पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो रही है। इसके लिए पूरी दुनिया में एकजुटता की जरूरत है।
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सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कालचक्र किसी की परवाह नहीं करता है, उसका प्रवाह निरंतर चलता रहता है, इसलिए हमें खुद को समय की धारा के अनुरूप तैयार करना होगा। समय के अनुरूप सोचने और चलने की आदत डालनी होगी। समय के अनुरूप खुद को तैयार न कर पाने वाले पिछड़ कर पिछलग्गू हो जाते हैं।
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टीम वर्क से सफलता का प्रमाण है इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण
टीम वर्क और परिणाम के बीच साम्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता को भी उद्घृत किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का बचपन इंसेफेलाइटिस के दुष्चक्र में 1977 से लेकर 40 साल तक फंसा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में पचास हजार से अधिक बच्चों की मौत हो गई।
पहले उपचार की व्यवस्था नहीं थी। उपचार की व्यवस्था हुई, वैक्सीन आया तो वायरस ने अपना नेचर चेंज कर लिया। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो प्रदेश और केंद्र सरकार ने टीम भावना के साथ, डब्लूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों के सहयोग तथा सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय से मिलकर लड़ाई लड़ी।
इसका परिणाम रहा कि 40 साल की समस्या का समाधान 2 साल में हो गया। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता कठिन चुनौतियों का सामना करने से लेकर टीम भावना से परिणाम प्राप्त करने की यात्रा रही है।
टीम वर्क और परिणाम के बीच साम्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता को भी उद्घृत किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का बचपन इंसेफेलाइटिस के दुष्चक्र में 1977 से लेकर 40 साल तक फंसा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में पचास हजार से अधिक बच्चों की मौत हो गई।
पहले उपचार की व्यवस्था नहीं थी। उपचार की व्यवस्था हुई, वैक्सीन आया तो वायरस ने अपना नेचर चेंज कर लिया। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो प्रदेश और केंद्र सरकार ने टीम भावना के साथ, डब्लूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों के सहयोग तथा सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय से मिलकर लड़ाई लड़ी।
इसका परिणाम रहा कि 40 साल की समस्या का समाधान 2 साल में हो गया। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता कठिन चुनौतियों का सामना करने से लेकर टीम भावना से परिणाम प्राप्त करने की यात्रा रही है।
मुख्य अतिथि नोबल विजेता कैलाश सत्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचें, रचनात्मक गतिविधियों को दें समय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज की पीढ़ी के मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल के उपयोग में अनावश्यक अत्यधिक समय बिताने से बचे। अपना समय प्रकृति के बीच, रचनात्मक कार्यों, अध्ययन और कौशल विकास की गतिविधियों में बिताए।
उन्होंने आगाह किया कि हमें यह ध्यान रखना होगा कि तकनीकी हमसे संचालित हो, हम तकनीकी से संचालित न हों।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज की पीढ़ी के मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल के उपयोग में अनावश्यक अत्यधिक समय बिताने से बचे। अपना समय प्रकृति के बीच, रचनात्मक कार्यों, अध्ययन और कौशल विकास की गतिविधियों में बिताए।
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रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का हो प्रयास
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जीवन से सीख लेने की बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। यह क्षेत्र समाज सेवा, सामाजिक चेतना, महिला एवं बाल उत्थान, अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन या समाज से जुड़ा कुछ भी हो सकता है।
हम किसी भी एक क्षेत्र को चुनकर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में, रुचि के अनुसार ईमानदारी और कठिन परिश्रम से कार्य करेंगे तो परिणाम अवश्य आएगा। उन्होंने कहा कि जीवन शॉर्टकट का मार्ग नहीं है। जीवन में सफलता के सतत प्रवाह के लिए परिश्रम और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है।
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जीवन से सीख लेने की बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। यह क्षेत्र समाज सेवा, सामाजिक चेतना, महिला एवं बाल उत्थान, अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन या समाज से जुड़ा कुछ भी हो सकता है।
हम किसी भी एक क्षेत्र को चुनकर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में, रुचि के अनुसार ईमानदारी और कठिन परिश्रम से कार्य करेंगे तो परिणाम अवश्य आएगा। उन्होंने कहा कि जीवन शॉर्टकट का मार्ग नहीं है। जीवन में सफलता के सतत प्रवाह के लिए परिश्रम और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है।
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विजन और एक्शन के बिना चलते होता है कन्फ्यूजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि जीवन मे अधूरी तैयारी होगी, विजन और एक्शन नहीं होगा तो कन्फ्यूजन की स्थिति बनी रहेगी। जीवन का उद्देश्य सिर्फ डिग्री और नौकरी हासिल करना नहीं हो सकता। जीवन का उद्देश्य विराट होना चाहिए। यदि हम विजन के अनुरूप निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यही साबित किया है।
कैलाश सत्यार्थी का जीवन सबके लिए प्रेरक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात समाज सुधारक और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज ही के दिन दस वर्ष पूर्व उन्हें दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। कैलाश सत्यार्थी का जीवन प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरक है, खासकर उन युवाओं के लिए जो किन्हीं कारणों से असमंजस की स्थिति में रहते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि जीवन मे अधूरी तैयारी होगी, विजन और एक्शन नहीं होगा तो कन्फ्यूजन की स्थिति बनी रहेगी। जीवन का उद्देश्य सिर्फ डिग्री और नौकरी हासिल करना नहीं हो सकता। जीवन का उद्देश्य विराट होना चाहिए। यदि हम विजन के अनुरूप निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यही साबित किया है।
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