Gorakhpur News: चेक से लिया बिजली बिल का बकाया, निगम के छह करोड़ फंसे
बिजली निगम ने बकाया वसूली के लिए इस माह विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कनेक्शन कटने से बचाने के लिए कई उपभोक्ताओं ने चेक के माध्यम से बकाया राशि का भुगतान कर दिया। बिजली निगम ने उन्हें रसीद भी दे दी।
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बिजली बिल की बकाएदारी से बचने लिए 210 उपभोक्ताओं ने निगम को गलत चेक थमा दिया। इन उपभोक्ताओं पर 6.14 करोड़ रुपये बकाया था। चेक में अलग-अलग कमियां होने से निगम को यह धनराशि नहीं मिली।
अब निगम ने इन उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काटने के साथ ही अगले एक साल तक बिजली बिल का भुगतान चेक से करने पर रोक लगा दी है। जिनके चेक बाउंस हुए हैं, उन्हें कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई से बचने के लिए सोमवार को नकद भुगतान करना होगा।
दरअसल, बिजली निगम ने बकाया वसूली के लिए इस माह विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कनेक्शन कटने से बचाने के लिए कई उपभोक्ताओं ने चेक के माध्यम से बकाया राशि का भुगतान कर दिया। बिजली निगम ने उन्हें रसीद भी दे दी।
ये चेक जब बैंक में जमा हुए तो अलग-अलग कारणों से बांउस हो गए। बैंक की सूचना से अभियंताओं के हाथ-पांव फूल गए। खंडों के जिम्मेदारों ने आनन-फानन में अफसरों को जानकारी दी। अफसरों ने बकाएदारों के कनेक्शन आईडी पर बकाया राशि चार्ज करने व पेनाल्टी के साथ कैश में वसूली करने के निर्देश दिए।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अभियान का कोटा पूरा करने के लिए अवर अभियंताओं ने कुछ बकाएदारों से पुराना चेक लेकर उनकी लाइन नहीं काटी। नगरीय वितरण खंड प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ खंड में अलग-अलग कारणों से बिल भुगतान वाले चेक बाउंस हुए है।
बताया जा रहा है कि कुछ बकाएदारों के खाते में पैसा नहीं होने से चेक बाउंस हो गए। कुछ चेक हस्ताक्षर नहीं मिलने से बाउंस हुए हैं। नगरीय वितरण खंड प्रथम में दिसंबर में 63 चेक व जनवरी में 91 चेक बाउंस हुए है। इन सभी पर 2.90 करोड़ का बकाया है। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया की शहर के कुछ बड़े बकाएदारों ने गलत चेक देकर बिजली कटने से रोक ली थी। ये सभी एक साल तक चेक से भुगतान नहीं कर सकेंगे।
इन खंडों में चेक बाउंस के मामले आए
| खंड प्रथम | चेक बाउंस | रकम |
| प्रथम खंड | 154 चेक | 2.90 करोड़ |
| द्वितीय खंड | 22 चेक | 1.88 करोड़ |
| तृतीय खंड | 03 चेक | 2.36 लाख |
| चतुर्थ खंड | 31 चेक | 1.10 करोड़ |