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Gorakhpur News: गोरखपुर में जाम का इंतजाम बना झाम...स्टैंड का पता न शेड का

Sat, 28 Oct 2023 04:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 28 Oct 2023 04:06 PM IST
सार

एसपी ट्रैफिक श्यामदेव ने कहा कि गुलरिहा थाने के पीछे की जमीन नगर निगम की है। यहां पर स्टैंड बनाने के लिए बातचीत चल रही है। जल्द ही कोई निर्णय ले लिया जाएगा। धर्मशाला के पास की जमीन रेलवे की है। रेलवे के अधिकारी के साथ मैं खुद गया था। उसके आवंटन के लिए रेलवे अधिकारियों से बातचीत चल रही है।

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Arrangements for jam in Gorakhpur neither stand nor shed known
धर्मशाला बाजार मछली मंडी के पास ऑटो रिक्शा स्टैंड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

निजी बसों को गोरखपुर शहर के बाहर से संचालित तो कर दिया गया, लेकिन आधी-अधूरी तैयारी के चलते जाम का यह इंतजाम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अब तक न तो स्टैंड ही शुरू हो पाया और न ही ऑटो का किराया ही तय हो पाया।

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इसे लेकर प्राइवेट बस के परिचालक और यात्रियों के बीच रोजाना ही झिकझिक होती है। वहीं, यात्रियों को ऑटो का महंगा किराया देकर शहर से आना-जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं धूप या बारिश में खुले आसमान के नीचे ही बस का इंतजार मजबूरी हो गई है।
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एडीजी अखिल कुमार और कमिश्नर अनिल ढींगरा ने जाम से निपटने के लिए पहल की तो इसका फायदा भी सामने आया है। प्राइवेट बसों की वजह से लगने वाला जाम अब खत्म हो गया है। लेकिन, सुविधाएं शुरू न होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई हैं।
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यात्रियों की परेशानी का ऐसा ही नजारा शुक्रवार की दोपहर एक बजे जेल बाईपास पर दिखा। यहां कुशीनगर की ओर जाने वाली बसों का स्टैंड है। कुशीनगर से आई बस से कुछ यात्री उतरे। सभी में शहर से दूर स्टैंड बनाने पर नाराजगी तो थी ही बैठने और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं हाेने पर भी गुस्सा दिखा।
 

एक काम भी नहीं हो सका शुरू, पूरा होना तो दूर की कौड़ी

असुरन और खजांची के पास जाम की सबसे बड़ी वजह भी इन दिनों प्राइवेट बस वाले बन गए है। महराजगंज जाने वाले प्राइवेट बसें यहीं रुकती हैं। जबकि, इसके लिए अफसरों ने मेडिकल कॉलेज के पास एक जगह चिन्हित की थी, जहां पर नगर निगम को काम करना था। तय यही हुआ था कि नंदानगर के प्राइवेट स्टैंड की तरह ही इसे भी व्यवस्थित किया जाएगा। लेकिन, आज भी वहां पर कोई काम नहीं हो सका है। झाड़ियों और उबड़-खाबड़ जमीन देखकर काम पूरा होना तो दूर की कौड़ी लगता है।

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ये लिए गए थे फैसले, जो नहीं हो पाए लागू

  • ई-रिक्शा व ऑटो के लिए जगह का निर्धारण किया जाना था।
  • नगर निगम को शौचालय व पानी की व्यवस्था करनी थी।
  • रोडवेज की बसें परिसर में खड़ी होंगी, पुलिस लगाएगी सीसीटीवी कैमरे।
  • महराजगंज की तरफ से आनेवाली बसों का मेडिकल कॉलेज के पास से संचालन होगा।
  • बसों के नए पार्किंग स्थल से शहर में आने के लिए ई-रिक्शा व ऑटो का किराया तय होगा।
  • सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा किए गए लोगों को हटाकर व्यवस्थित किया जाएगा।


 

प्राइवेट बसे हटीं तो ऑटो-ई रिक्शा वालों का हो गया कब्जा

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सड़क पर खड़ी ई रिक्शा और ऑटो। - फोटो : अमर उजाला।
रेलवे स्टेशन रोड पर कुलसचिव आवास के बगल से और सामने वाली सड़क के किनारे से प्राइवेट बसें तो हट गईं, लेकिन अब ऑटो-ई रिक्शावालों का यहां पर कब्जा हो गया है। इसके चलते जाम लग रहा है। एक लाइन से ऑटो और ई-रिक्शावाले खड़ा कर दे रहे हैं। चौराहे पर पुलिस पिकेट है तो पुलिस वाले वहां पर बैरियर लगाकर बाईं लेन तो खाली कर दे रहे हैं, लेकिन चौराहे से पहले वहां पर ऑटो वालों की वजह से लोग फंस जा रहे हैं। कुछ यही हाल शहर के अन्य चौराहों का भी हैं।

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दोपहर के करीब 12.30 बजे धर्मशाला पुलिस चौकी के पास ही ओवरब्रिज के नीचे ऑटो खड़े मिले। वहीं पर सवारियां बैठाई जा रहीं थी। जबकि, एडीजी ने निरीक्षण कर इसके धर्मशाला मछली मंडी के पास शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लेकिन, जमीन रेलवे की होने की वजह से अभी प्रक्रिया में लटकी है। दूसरे, नगर निगम वहां पर सफाई भी नहीं कराया। वहां पर ऑटो स्टैंड का बोर्ड नजर आया, लेकिन पास में ही गंदगियों का अंबार था। पुलिस की सख्ती के वजह कुछ ऑटो वाले खड़े भी हो रहे हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां पर कुछ भी नहीं किया गया है।

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एसपी ट्रैफिक श्यामदेव ने कहा कि गुलरिहा थाने के पीछे की जमीन नगर निगम की है। यहां पर स्टैंड बनाने के लिए बातचीत चल रही है। जल्द ही कोई निर्णय ले लिया जाएगा। धर्मशाला के पास की जमीन रेलवे की है। रेलवे के अधिकारी के साथ मैं खुद गया था। उसके आवंटन के लिए रेलवे अधिकारियों से बातचीत चल रही है। ऑटो और ई रिक्शा का किराया आरटीओ को तय करना है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। जाम न लगने पाए इसके लिए यातायात पुलिस पूरी कोशिश कर रही है।
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