फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Arrangements could not be made to evacuate youths in Afghanistan

अफगानिस्तान संकट: युवकों को निकालने का नहीं हो सका इंतजाम, फंसे हैं प्रदेश के 28 युवक

Sun, 22 Aug 2021 12:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 22 Aug 2021 12:13 PM IST
सार

बड़हलगंज व चौरीचौरा क्षेत्र के एक-एक युवक भी हैं शामिल, फैक्टरी मालिक ने शनिवार को भेजने के लिए दिया था आश्वासन।

विज्ञापन
Arrangements could not be made to evacuate youths in Afghanistan
अफगानिस्तान में तालिबानियों का कहर। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

काबुल के पास स्थित स्टील फैक्टरी में फंसे प्रदेश के 28 युवकों के निकालने का इंतजाम अबतक नहीं हो सका है। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां संकट काफी बढ़ गया है। काबुल की स्टील फैक्टरी में फंसे बड़हलगंज व चौरीचौरा क्षेत्र के दो युवकों समेत सभी 28 युवक अब भी वहीं हैं। फैक्टरी मालिक ने शनिवार को इन लोगों को वहां से स्वदेश भेजने का भरोसा दिया था लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुई। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है इन युवकों के घरवालों की चिंता बढ़ती जा रही है।

विज्ञापन


बड़हलगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत भैंसहट निवासी रंजीत मौर्य रोजगार की तलाश में अफगानिस्तान गए हैं। वहां इन्हें काबुल शहर के बगराम रोड स्थित खान स्टील कंपनी में नौकरी मिल गई। सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन अचानक तालिबान ने देश की सत्ता पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद से ही वहां के हालात बेहद खराब हैं। भारत से अफगानिस्तान गए लोग वतन की वापसी के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन


उधर तालिबान की सत्ता में वापसी के साथ ही भारतीय दूतावास भी खाली हो चुका है। ऐसे में वहां फंसे इन भारतीयों को कोई मदद नहीं मिल पा रही है। रंजीत मौर्या की तरह ही झंगहा थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर गांव के मूल निवासी और वर्तमान में नई बाजार में रह रहे रामदुलारे शुक्ल के पुत्र शैलेंद्र भी काबुल के पास की स्टील फैक्टरी में फंसे हुए हैं। पत्नी कालिंदी ने बताया कि वहां से शनिवार को निकलने की उम्मीद थी लेकिन अभी कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। परंतु परिजनों को उम्मीद है कि जल्दी ही काबुल में फंसे लोग अपने देश वापस आ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

तहसीलदार पहुंचे रंजीत के घर हाल जानने

बड़हलगंज क्षेत्र के भैंसहट गांव निवासी व अफगानिस्तान में फंसे रंजीत मौर्य के घर तहसीलदार गोला केशव प्रसाद ने पहुंचकर जानकारी ली। परिजनों ने उन्हें बताया कि रंजीत वहां से निकलने को परेशान हैं लेकिन अभी वापसी की व्यवस्था नहीं बन पाई है।

परिजनों ने तहसीलदार को बताया कि रंजीत से फोन पर वार्ता हो रही है। वहां अभी भोजन आदि का संकट नहीं है लेकिन तालिबान के डर की वजह से फैक्टरी मालिक ने कंपनी में ही रहने को कहा है। तहसीलदार ने अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की असुविधा होने या रंजीत के बारे में ताजा सूचनाओं से उन्हें अवगत कराएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed