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आर्बिट्रेशन : अब किसानों के हाथ में फैसला, जितनी तेजी उतना तेज फैसला
Thu, 15 Jun 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 15 Jun 2023 12:49 AM IST
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जगदीशपुर-सोनौली रिंग रोड, जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड और नया गोरखपुर के मुआवजा का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में चल रही तीन विकास परियोजनाओं के जल्द ही परवान चढ़ने की उम्मीद जगी है। इससे प्रभावित किसान जितनी जल्दी आर्बिट्रेशन दाखिल कर देंगे, उतनी ही जल्दी उनको राहत मिल जाएगी। मुआवजे की रकम तय होने पर प्रशासन की ओर से संबंधित संस्थाओं को फाइल भेज दी जाएगी, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकारियों की ओर से किसानों के पाले में गेंद डाल दी गई है। उनका कहना है कि किसान तेजी दिखाएंगे तो कम समय में यह मामला सुलझ जाएगा।
जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड, नया गोरखपुर और जगदीशपुर- जंगल कौड़िया रिंग रोड बनाने के लिए किसानों की जमीन अधिगृहित की जा रही है। क्षेत्र में जमीन की दर मुआवजे की रकम से अधिक होने की वजह से लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पुराने सर्किल रेट पर जमीन नहीं देने की जिद पर अड़ गए। पीपीगंज क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के किसानों ने जंगल कौड़िया-सोनौली हाईवे रिंग रोड का निर्माण रोक दिया। जगदीशपुर सोनौली हाईवे रिंग रोड के लिए 26 गांवों के किसानों ने भूमि देने से इंकार कर दिया।
बालापार क्षेत्र में भी नया गोरखपुर योजना को ग्रहण लग गया। इसके बाद डीएम ने सीएलओ ( विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी), एनएचएआई ( भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और राजस्वकर्मियों को मामले का निस्तारण कराने का निर्देश दिया। किसानों से कई दौर की बातचीत के बाद कोई परिणाम नहीं आया तो आर्बिट्रेशन दाखिल करने पर सहमति बनी।
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इस पर डीएम ने सभी किसानों से जल्द से जल्द आर्बिट्रेशन दाखिल कराने को कहा। किसान भी अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से इस प्रक्रिया को पूरा कराने की कवायद में जुट गए। प्रभावित किसान अपने-अपने दस्तावेज तैयार करा रहे हैं। किसानों की मदद के लिए सीएलओ के कर्मचारी भी लगाए गए हैं। उनका कहना है कि जितनी जल्दी किसान प्रक्रिया पूरी करेंगे। उतनी ही जल्दी इस मामले का निस्तारण करा दिया जाएगा। बुधवार को पीपीगंज के 20 किसानों सहित 100 लोगों ने आर्बिट्रेशन दाखिल किया है।
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हम लोग लगातार किसानों के संपर्क में हैं। सीएलओ कार्यालय के कर्मचारी भी उनके सहयोग में लगाए गए हैं। किसानों से अपील है कि जल्द से जल्द अपना आर्बिट्रेशन दाखिल कराएं, जिससे एक साथ सभी किसानों का निस्तारण हो सके।
सुशील कुमार गौंड, मुख्य राजस्व अधिकारी
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गोरखपुर। जिले में चल रही तीन विकास परियोजनाओं के जल्द ही परवान चढ़ने की उम्मीद जगी है। इससे प्रभावित किसान जितनी जल्दी आर्बिट्रेशन दाखिल कर देंगे, उतनी ही जल्दी उनको राहत मिल जाएगी। मुआवजे की रकम तय होने पर प्रशासन की ओर से संबंधित संस्थाओं को फाइल भेज दी जाएगी, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकारियों की ओर से किसानों के पाले में गेंद डाल दी गई है। उनका कहना है कि किसान तेजी दिखाएंगे तो कम समय में यह मामला सुलझ जाएगा।
जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड, नया गोरखपुर और जगदीशपुर- जंगल कौड़िया रिंग रोड बनाने के लिए किसानों की जमीन अधिगृहित की जा रही है। क्षेत्र में जमीन की दर मुआवजे की रकम से अधिक होने की वजह से लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पुराने सर्किल रेट पर जमीन नहीं देने की जिद पर अड़ गए। पीपीगंज क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के किसानों ने जंगल कौड़िया-सोनौली हाईवे रिंग रोड का निर्माण रोक दिया। जगदीशपुर सोनौली हाईवे रिंग रोड के लिए 26 गांवों के किसानों ने भूमि देने से इंकार कर दिया।
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बालापार क्षेत्र में भी नया गोरखपुर योजना को ग्रहण लग गया। इसके बाद डीएम ने सीएलओ ( विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी), एनएचएआई ( भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और राजस्वकर्मियों को मामले का निस्तारण कराने का निर्देश दिया। किसानों से कई दौर की बातचीत के बाद कोई परिणाम नहीं आया तो आर्बिट्रेशन दाखिल करने पर सहमति बनी।
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इस पर डीएम ने सभी किसानों से जल्द से जल्द आर्बिट्रेशन दाखिल कराने को कहा। किसान भी अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से इस प्रक्रिया को पूरा कराने की कवायद में जुट गए। प्रभावित किसान अपने-अपने दस्तावेज तैयार करा रहे हैं। किसानों की मदद के लिए सीएलओ के कर्मचारी भी लगाए गए हैं। उनका कहना है कि जितनी जल्दी किसान प्रक्रिया पूरी करेंगे। उतनी ही जल्दी इस मामले का निस्तारण करा दिया जाएगा। बुधवार को पीपीगंज के 20 किसानों सहित 100 लोगों ने आर्बिट्रेशन दाखिल किया है।
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हम लोग लगातार किसानों के संपर्क में हैं। सीएलओ कार्यालय के कर्मचारी भी उनके सहयोग में लगाए गए हैं। किसानों से अपील है कि जल्द से जल्द अपना आर्बिट्रेशन दाखिल कराएं, जिससे एक साथ सभी किसानों का निस्तारण हो सके।
सुशील कुमार गौंड, मुख्य राजस्व अधिकारी
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