Russia Ukraine war: यूक्रेन में फंसे अनुराग की घर वापसी, मां ने गले लगाया तो छलक उठे आंसू
कुसम्ही बाजार के अनुराग सिंह यूक्रेन में उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र हैं। अनुराग के पिता राजनाथ सिंह दुबई में रहते हैं। उनके दोनों भाई कृष्ण कुमार सिंह और मोहन कुमार सिंह इंजीनियर हैं और दुबई में ही हैं।
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यूक्रेन में फंसे एमबीबीएस के छात्र अनुराग कुमार सिंह रविवार को अपराह्न चार बजे गोरखपुर पहुंच गए। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ। प्रशासन ने घर तक पहुंचाया। घर पहुंचते ही मां ने बेटे को गले से लगा लिया। मां और बहन की आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे।
वहीं, रिश्तेदार और शुभचिंतकों ने भी घर पहुंचकर हालचाल लिया। उधर, गोरखपुर के दो और छात्र मनुशरण श्रीवास्तव और संदीप सिंह रविवार की रात में रोमानिया एयरपोर्ट पहुंच गए। सोमवार को उनके दिल्ली पहुंचने के उम्मीद है।
कुसम्ही बाजार के अनुराग सिंह यूक्रेन में उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र हैं। अनुराग के पिता राजनाथ सिंह दुबई में रहते हैं। उनके दोनों भाई कृष्ण कुमार सिंह और मोहन कुमार सिंह इंजीनियर हैं और दुबई में ही हैं। गोरखपुर में रह रहीं मां शारदा देवी ने जबसे यूक्रेन पर हमले की खबर सुनी है, परेशान थीं। बेटे की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रही थीं। अनुराग के घर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। मां ने कलेजे के टुकड़े को गले से लगा लिया।
अनुराग ने बताया कि जिस विमान से वह दिल्ली आए, उसमें यूपी व बिहार के 25 छात्र थे। गोरखपुर और आसपास के जिले में वह अकेले थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर सभी ने एक दूसरे को हाथ मिलाकर विदा किया।
आपबीती
अनुराग कुमार सिंह, एमबीबीएस सेकेंड ईयर, उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी, यूक्रेन (स्थानीय निवासी कुसम्ही बाजार, गोरखपुर) ने बताया कि तीन दिनों तक डर और भय के माहौल में रात गुजरी। उजहोरोड सिटी में हम थे, वहां हमले का असर कम था। लेकिन, रात में जब लड़ाकू विमान गरजते हुए गुजरती थीं तो एक बार रूह कांप जाती थी। शुक्रवार को तो बमबाजी भी हुई।
हम सभी लोग उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में थे। हॉस्टल से बाहर निकलना मना था। सिटी में शाम सात बजे से सुबह दस बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया था। हॉस्टल में रहने के कारण खाने-पीने की दिक्कत नहीं हुई। यूक्रेन से हंगरी तक जाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बस की व्यवस्था की। सामान कम ले आने की अनुमति थी तो हमने एक बैग में जरूरी सामान रखा लिया।
बाकी लगेज, कॉलेज में ही रखवा दिया था। रविवार की सुबह हम लोग दिल्ली पहुंच गए। किराया नहीं देना पड़ा, सारी व्यवस्था सरकार ने की। वहां से फ्लाइट से गोरखपुर भेजा गया। घर सकुशल आने पर इतनी खुशी है कि बयां नहीं कर सकता। मुझे विश्वास था कि सरकार हमें लाने की व्यवस्था करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत-बहुत धन्यवाद।