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गोरखपुर: प्रशासन के अल्टीमेटम से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने शुरू की हड़ताल, डीएम बोले- किया जाएगा समाधान

Sat, 30 Apr 2022 02:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 30 Apr 2022 02:01 PM IST
सार

शहर के सभी ट्रांसपोर्टरों को बाहर शिफ्ट करने की कर रहे हैं मांग, जिलाधिकारी ने आज बुलाई बैठक, कहा- किया जाएगा समाधान।

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Angry with ultimatum of administration transporters started strike
ट्रांसपोर्ट नगर। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर के ट्रांसपोर्ट नगर के छह बड़े ट्रांसपोर्टरों को गीडा शिफ्ट करने के जिला प्रशासन के अल्टीमेटम से नाराज जिले के ट्रांसपोर्टरों ने अपने गोदामों पर ताला डालकर हड़ताल शुरू कर दी है। इससे कपड़ा, लोहा और राशन सहित तमाम महत्वपूर्ण उत्पादों की आपूर्ति ठप हो गई है। सारा माल गोदामों में डंप है। उधर, डीएम ने शनिवार को बैठक बुलाई है। उनका कहना है कि हर संभव समाधान निकाला जाएगा।

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वहीं, ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जिला प्रशासन का फरमान मनमाना है। ट्रांसपोर्ट नगर में 154 ट्रांसपोर्टर हैं। इन सबको गीडा में शिफ्ट किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। 27 ट्रांसपोर्टरों को गीडा में भूमि आवंटित करके खानापूर्ति की गई है। अब जबरन ट्रांसपोर्ट नगर से हटाया जा रहा है। इनकी यह भी मांग है कि शहर के सभी ट्रांसपोर्टरों को बाहर शिफ्ट किया जाए।
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जानकारी के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी सिटी ने दो दिन पहले ट्रांसपोर्ट नगर का निरीक्षण किया था। इन अफसरों ने कहा था कि छह बड़े ट्रांसपोर्टर ऐसे हैं, जिनको गीडा में भूमि आवंटित की जा चुकी है। लिहाजा, ट्रांसपोर्टर चौबीस घंटे के भीतर अपना सामान और कारोबार गीडा शिफ्ट कर लें। ऐसा नहीं हुआ तो गीडा में भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। गोदाम भी सील किया जाएगा।
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इसी अल्टीमेटम से ट्रांसपोर्टर भड़क गए और कामकाज ठप कर दिया। शादी के सीजन में कपड़े थोक विक्रेताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका सीधा नुकसान व्यापारियों को हो रहा है। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन और ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद में उनका नुकसान हो रहा है।

 

ट्रांसपोर्टरों ने क्या कहा
ट्रांसपोर्टनगर के 154 ट्रांसपोर्टरों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया है। गीडा में स्थान की तलाश की जा रही है। अधिकतर प्लॉट दूसरों को आवंटित हैं। किराए पर भी जगह नहीं मिल रही है। शासन-प्रशासन को सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए।- मनीष सिंह, ट्रांसपोर्टर

ट्रांसपोर्टनगर से जो भी ट्रांसपोर्टर हटाए जा रहे हैं, प्रशासन को उन्हें गीडा में जगह देनी चाहिए। प्रशासन ट्रांसपोर्ट नगर के ट्रांसपोर्टरों के साथ भेदभाव कर रहा है। लाल डिग्गी में करीब 50 ट्रांसपोर्टर काम कर रहे हैं। उन्हें भी हटाना चाहिए।- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, ट्रांसपोर्टर

प्रशासन के निर्देश के अनुसार हम गीडा जाने को तैयार हैं। लेकिन लाल डिग्गी समेत अन्य जगहों पर ट्रांसपोर्टर व्यापार कर रहे हैं। ऐसे में गीडा और शहर के ट्रांसपोर्टरों के रेट में अंतर हो जा रहा है। प्रशासन सभी को एक साथ शहर से बाहर करे।- अमरजीत दुबे, ट्रांसपोर्टर

हमें गीडा जाने में दिक्कत नहीं है, लेकिन जगह मिलनी मुश्किल है। प्रशासन से निवेदन है कि हमें जगह दी जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो प्रशासन रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक ट्रांसपोर्ट नगर में काम करने की अनुमति दे।- अब्दुल राशिद, ट्रांसपोर्टर

ट्रांसपोर्ट नगर के ट्रांसपोर्टरों के अपने प्रतिष्ठान बंद करने से फिलहाल दवा की कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गीडा में ट्रांसपोर्टरों के शिफ्ट होने से माल भाड़ा में बढ़ोतरी हो जाएगी।-राजर्षि बंसल, भलोटिया मार्केट, दवा कारोबारी

शहर के कपड़ा व्यवसायियों का करीब 200 करोड़ रुपये का स्टॉक ट्रांसपोर्टरों के गोदाम में फंस गया है। इस वजह से फैक्ट्रियों की देनदारी बढ़ रही है। ऐसे में कपड़ा व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। शासन-प्रशासन को वार्ता करके कोई रास्ता निकालना चाहिए।-राजेश नेभानी, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ टेक्सटाइल्स

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों से बातचीत की जाएगी। शनिवार को बैठक बुलाई गई है। समस्याएं सुनी जाएंगी और निस्तारण किया जाएगा। जनहित में जो भी उचित होगा, किया जाएगा।
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