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Gorakhpur News: पीजी एडमिशन के नाम पर मेडिकल छात्र से 26.85 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
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गोरखपुर। रामगढ़ताल इलाके में एमबीबीएस कर चुके छात्र को मुंबई के नामी मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स में दाखिला दिलाने के नाम पर 26.85 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिद्धार्थनगर कॉलोनी निवासी पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने रविवार रात रामगढ़ताल इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया।
आरोपी अमित दुबे मूल रूप से बिहार के पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में महाराष्ट्र के पुणे में रहता था। जानकारी के मुताबिक, सिद्धार्थनगर कॉलोनी निवासी गोविंद त्रिपाठी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा विमल त्रिपाठी एमबीबीएस करने के बाद डिप्लोमा इन चाइल्ड हेल्थ (डीसीएच) कोर्स में दाखिले की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उन्हें एक विज्ञापन के माध्यम से अमित दुबे नामक व्यक्ति की जानकारी मिली, जो देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिला कराने का दावा करता था।
विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर अमित ने खुद को मेडिकल एडमिशन कंसल्टेंट बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह मुंबई के अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिला सकता है। आरोपी ने छात्र के सभी शैक्षणिक दस्तावेज लेकर मुंबई बुलाया और वहीं अपने कथित ऑफिस में मुलाकात की।
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बातचीत के दौरान उसने 26.85 लाख रुपये की मांग की और आश्वासन दिया कि भुगतान के बाद डीसीएच कोर्स में प्रवेश सुनिश्चित हो जाएगा। भरोसे में आकर छात्र के पिता ने 23 सितंबर 2022 को पत्नी के खाते से 13.85 लाख रुपये और अपने खाते से 13 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों बाद आरोपी ने एक एडमिशन लेटर भी उपलब्ध कराया, जिसमें कॉलेज ऑफ फिजीशियन एंड सर्जन ऑफ मुंबई में प्रवेश दिखाया गया था।
जब छात्र संबंधित कॉलेज में पहुंचा तो वहां से स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई प्रवेश पत्र जारी ही नहीं किया गया है और दस्तावेज पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद पीड़ित परिवार को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गोविंद त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अमित दुबे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी भागा हुआ था। पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और इनपुट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने ठगी की बात स्वीकार की।
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आरोपी अमित दुबे मूल रूप से बिहार के पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में महाराष्ट्र के पुणे में रहता था। जानकारी के मुताबिक, सिद्धार्थनगर कॉलोनी निवासी गोविंद त्रिपाठी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा विमल त्रिपाठी एमबीबीएस करने के बाद डिप्लोमा इन चाइल्ड हेल्थ (डीसीएच) कोर्स में दाखिले की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उन्हें एक विज्ञापन के माध्यम से अमित दुबे नामक व्यक्ति की जानकारी मिली, जो देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिला कराने का दावा करता था।
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विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर अमित ने खुद को मेडिकल एडमिशन कंसल्टेंट बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह मुंबई के अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिला सकता है। आरोपी ने छात्र के सभी शैक्षणिक दस्तावेज लेकर मुंबई बुलाया और वहीं अपने कथित ऑफिस में मुलाकात की।
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बातचीत के दौरान उसने 26.85 लाख रुपये की मांग की और आश्वासन दिया कि भुगतान के बाद डीसीएच कोर्स में प्रवेश सुनिश्चित हो जाएगा। भरोसे में आकर छात्र के पिता ने 23 सितंबर 2022 को पत्नी के खाते से 13.85 लाख रुपये और अपने खाते से 13 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों बाद आरोपी ने एक एडमिशन लेटर भी उपलब्ध कराया, जिसमें कॉलेज ऑफ फिजीशियन एंड सर्जन ऑफ मुंबई में प्रवेश दिखाया गया था।
जब छात्र संबंधित कॉलेज में पहुंचा तो वहां से स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई प्रवेश पत्र जारी ही नहीं किया गया है और दस्तावेज पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद पीड़ित परिवार को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गोविंद त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अमित दुबे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी भागा हुआ था। पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और इनपुट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने ठगी की बात स्वीकार की।