Amarmani Tripathi: रिहाई की आस में पूरा दिन गुजरा, मिठाई लेकर आए समर्थकों को लौटाया
कमरा नंबर 12 के बाहर बैठे पुलिस कर्मी अधिक सतर्क दिखे। सुबह से ही पूर्व मंत्री के जल्दी रिहाई की खबरें चलने लगी थीं। करीब एक बजे दो युवक पहुंचे और ऊपर जाने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने लौटा दिया।
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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के रिहाई के आदेश की सूचना शुक्रवार की सुबह चर्चा में आते ही मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड के सामने हलचल बढ़ गई। सुबह से ही शुभचिंतक पहुंचने लगे। लेकिन किसी को ऊपर जाने की इजाजत नहीं थी।
करीब 12:15 बजे महराजगंज जिले के शिवशंकर दूबे मिठाई लेकर पूर्व मंत्री के कमरे की ओर बढ़ रहे थे तो वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने यह कहकर लौटा दिया कि अभी मंत्री जी की तबीयत ठीक नहीं है। वह सो रहे हैं और आज किसी से नहीं मिलेंगे। शाम पांच बजे तक खुद को पूर्व मंत्री का करीबी बताने वाले लोग आते रहे, लेकिन किसी को भी अंदर कमरे में जाने की अनुमति नहीं मिली।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के हॉस्टल के आगे ही प्राइवेट वार्ड है। इस भवन के दूसरे गेट के सामने दूसरी मंजिल पर रोज की तरह ही सन्नाटा था। लेकिन बाहर सड़क पर वाहनों की कतारें लगी थीं।
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कमरा नंबर 12 के बाहर बैठे पुलिस कर्मी अधिक सतर्क दिखे। सुबह से ही पूर्व मंत्री के जल्दी रिहाई की खबरें चलने लगी थीं। करीब एक बजे दो युवक पहुंचे और ऊपर जाने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने लौटा दिया। दोनों तेजी से बिल्डिंग के दूसरे रास्ते निकले और लखनऊ के नंबर वाली गाड़ी में बैठकर चले गए।
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हलचल देख तीमारदारों ने पूछा-क्या है माजरा
प्राइवेट वार्ड में किसी वीआईपी के होने और उनकी रिहाई आदि से अनभिज्ञ मरीज व उनके तीमारदार जब प्राइवेट वार्ड के आगे से गुजरते तो चौंक जाते। कोई कमरों की तरफ झांक रहा था तो कोई रिहाई का वक्त पूछ रहा था। इसी बीच हल्की बारिश शुरू हो गई। अचानक एक बोलेरो गाड़ी प्राइवेट वार्ड के पोर्टिको के नीचे रुकी तो चर्चा शुरू हो गई कि कोई परिजन आया है। लेकिन गाड़ी से पूर्व मंत्री के नहीं, बल्कि बिहार से आए एक मरीज के परिजन थे।
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कमरा नंबर 18 व 19 के आगे चौकन्ना रहे सुरक्षा कर्मी
प्राइवेट वार्ड के दूसरे गेट के ठीक सामने कमरा नंबर 18 व 19 की सुरक्षा सुबह से ही चुस्त दिखी। आम दिनों में यहां गैलरी में इक्का-दुक्का सुरक्षाकर्मी ही नजर आते हैं। शुक्रवार को यहां तीन महिला कांस्टेबल समेत 7-8 पुलिसकर्मी बरामदे में बैठे थे। वे सड़क पर आन-जाने वालों पर नजर रखे हुए थे। इसके अलावा नीचे की गैलरी में भी कुछ पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में टहलते दिखे। मेन गेट से लेकर दूसरे हिस्से तक सुरक्षाकर्मी लगातार चहल कदमी करते रहे।