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गोरखपुर: कई भूखंडों का आवंटन होगा निरस्त, जानिए क्या है बड़ी वजह
Thu, 11 Nov 2021 02:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 11 Nov 2021 02:12 PM IST
सार
औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए आवंटित कराए गए इन भूखंडों पर लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं हुई है। कई ऐसे भूखंड हैं, जहां लगाई गई फैक्ट्री बंद हो चुकी है। डीएम की सख्ती के बाद जल्द ही यूपीएसआइडीसी की ओर से खाली पड़े भूखंडों की जांच की जाएगी।
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : राजेश कुमार
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विस्तार
गोरखनाथ रोड पर विकसित औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के नाम पर जमीन आवंटित कराने के कई वर्ष बाद भी वहां कोई इकाई नहीं लगाने वालों पर जल्द कार्रवाई होगी। उनके आवंटन निरस्त कर भूखंडों का फिर से आवंटन कराया जाएगा। मंगलवार को गोरखनाथ औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान डीएम विजय किरन आनंद के सामने यह मामला आया था। इसपर उन्होंने उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन (यूपीएसआईडीसी) के क्षेत्रीय प्रबंधक को जांच करने के बाद कार्रवाई कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए आवंटित कराए गए इन भूखंडों पर लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं हुई है। कई ऐसे भूखंड हैं, जहां लगाई गई फैक्ट्री बंद हो चुकी है। डीएम की सख्ती के बाद जल्द ही यूपीएसआइडीसी की ओर से खाली पड़े भूखंडों की जांच की जाएगी। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान डीएम से मिले चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजितसरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल आदि ने भी खाली पड़े भूखंडों के बारे में जानकारी दी थी।
डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए उद्योग नहीं लगाने वालों के भूखंड निरस्त कर उसे दूसरे उद्यमी को आवंटित करने का निर्देश दिया है। कुछ भूखंडों से जुड़े प्रपत्र भी उन्होंने तलब किए। डीएम का कहना है कि लोग निवेश करने को तैयार हैं, ऐसे में जो औद्योगिक इकाई नहीं लगा रहा है, उसका आवंटन निरस्त होना चाहिए।
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डीएम ने उन भूखंडों के बारे में जांच करने का निर्देश दिया है, जहां औद्योगिक इकाई संचालित नहीं हो रही है। जो भूखंड खाली हैं या जहां फैैक्ट्रियां लंबे समय से बंद हैं, उनकी जांच की जाएगी। आवंटन निरस्त होने के नियमों के दायरे में जो भी भूखंड आएंगे, उनका आवंटन निरस्त किया जाएगा। जल्द ही सभी भूखंडों का सत्यापन शुरू कर दिया जाएगा और रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। - केएन श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीएसआईडीसी
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि गोरखनाथ औद्योगिक क्षेत्र में कुछ भूखंड लंबे समय से खाली पड़े हैं। कुछ ऐसे भी भूखंड हैं जहां लगी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। इनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन करने को कहा गया है। जिन भूखंडों का उपयोग नहीं किया गया है, उनका आवंटन निरस्त कर नए निवेशकों को दिया जाएगा।
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औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए आवंटित कराए गए इन भूखंडों पर लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं हुई है। कई ऐसे भूखंड हैं, जहां लगाई गई फैक्ट्री बंद हो चुकी है। डीएम की सख्ती के बाद जल्द ही यूपीएसआइडीसी की ओर से खाली पड़े भूखंडों की जांच की जाएगी। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान डीएम से मिले चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजितसरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल आदि ने भी खाली पड़े भूखंडों के बारे में जानकारी दी थी।
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डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए उद्योग नहीं लगाने वालों के भूखंड निरस्त कर उसे दूसरे उद्यमी को आवंटित करने का निर्देश दिया है। कुछ भूखंडों से जुड़े प्रपत्र भी उन्होंने तलब किए। डीएम का कहना है कि लोग निवेश करने को तैयार हैं, ऐसे में जो औद्योगिक इकाई नहीं लगा रहा है, उसका आवंटन निरस्त होना चाहिए।
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डीएम ने उन भूखंडों के बारे में जांच करने का निर्देश दिया है, जहां औद्योगिक इकाई संचालित नहीं हो रही है। जो भूखंड खाली हैं या जहां फैैक्ट्रियां लंबे समय से बंद हैं, उनकी जांच की जाएगी। आवंटन निरस्त होने के नियमों के दायरे में जो भी भूखंड आएंगे, उनका आवंटन निरस्त किया जाएगा। जल्द ही सभी भूखंडों का सत्यापन शुरू कर दिया जाएगा और रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। - केएन श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीएसआईडीसी
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि गोरखनाथ औद्योगिक क्षेत्र में कुछ भूखंड लंबे समय से खाली पड़े हैं। कुछ ऐसे भी भूखंड हैं जहां लगी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। इनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन करने को कहा गया है। जिन भूखंडों का उपयोग नहीं किया गया है, उनका आवंटन निरस्त कर नए निवेशकों को दिया जाएगा।