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Gorakhpur News: मानसिक रूप से सशक्त छात्र ही भविष्य में बन सकता बेहतर डॉक्टर
Sat, 21 Feb 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 21 Feb 2026 02:47 AM IST
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गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में छात्रों को जागरूक करने और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के तहत सकारात्मक माहौल को लेकर शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य चिकित्सा छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि ये प्रशिक्षण छात्रों के मानिसक स्वास्थ्य व शैक्षणिक माहौल को और बेहतर बनाएगा। मानसिक रूप से सशक्त विद्यार्थी ही भविष्य के सक्षम और संवेदनशील चिकित्सक बन सकते हैं। डीएसडब्ल्यू डॉ. महिमा मित्तल ने छात्रों को समय रहते सहायता लेने, एक-दूसरे का सहयोग करने तथा मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहपाठियों में मानसिक तनाव या जोखिम के शुरुआती संकेतों को पहचान कर समय रहते उचित सहायता एवं जरूरत पड़ने पर उनकी मदद के लिए बेहतर पटल तक पहुंचाने के लिए बताया गया। छात्रों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से स्वास्थ्य सेवाओं का अनुभव और सामाजिक शिक्षा दोनों का विकास होगा। प्रशिक्षण शिविर का आयोजन डॉ. मनोज पृथ्वीराज की तरफ से किया गया।
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इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि ये प्रशिक्षण छात्रों के मानिसक स्वास्थ्य व शैक्षणिक माहौल को और बेहतर बनाएगा। मानसिक रूप से सशक्त विद्यार्थी ही भविष्य के सक्षम और संवेदनशील चिकित्सक बन सकते हैं। डीएसडब्ल्यू डॉ. महिमा मित्तल ने छात्रों को समय रहते सहायता लेने, एक-दूसरे का सहयोग करने तथा मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
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एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहपाठियों में मानसिक तनाव या जोखिम के शुरुआती संकेतों को पहचान कर समय रहते उचित सहायता एवं जरूरत पड़ने पर उनकी मदद के लिए बेहतर पटल तक पहुंचाने के लिए बताया गया। छात्रों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से स्वास्थ्य सेवाओं का अनुभव और सामाजिक शिक्षा दोनों का विकास होगा। प्रशिक्षण शिविर का आयोजन डॉ. मनोज पृथ्वीराज की तरफ से किया गया।
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