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एम्स : सिर्फ छह आईसीयू बेड, इमरजेंसी में रोज आते हैं 50 से 70 मरीज

Thu, 09 Apr 2026 01:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Thu, 09 Apr 2026 01:54 AM IST
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AIIMS: Only six ICU beds, 50 to 70 patients come to the emergency room every day
- एम्स प्रशासन ने आईसीयू बेड की संख्या को बढ़ाने का किया था दवा
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- पिछले दिनों एक दिन में एम्स की ओपीडी में मरीजों की संख्या साढ़े पांच हजार से अधिक पहुंच गई थी
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में रोजाना लगभग 50 से 70 मरीज इमरजेंसी में एम्स पहुंचते हैं लेकिन आईसीयू बेड की संख्या सिर्फ छह ही है। इससे गंभीर मरीजों को कई बार एम्स में उपचार की जगह दूसरी जगह रेफर कर दिया जाता है। एम्स की इमरजेंसी के एक कर्मी ने बताया कि गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाता है। एम्स प्रबंधन का दावा है कि जल्द ही आईसीयू बेड की संख्या को बढ़ाया जाएगा। फिलहाल गंभीर अभी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एम्स में रोजाना गोरखपुर मंडल के बिहार तक के मरीज रोजाना आते हैं। इनमें ओपीडी के साथ गंभीर मरीज भी शामिल रहते हैं। दरअसल, एम्स की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड की जरूरत पड़ती है। अक्सर देखने में आता है कि बेड खाली नहीं होने की वजह से मरीजों को दूसरी जगह रेफर कर दिया जाता है। पिछले दिनों ऐसे ही एक बच्चे की मौत का मामला भी सामने आया था। हालांकि प्रबंधन ने इसे सिरे से नकार दिया था। दो दिन पहले भी ऐसे ही एक गंभीर मरीज एम्स में उपचार के लिए आया था। परिजनों का दावा है कि एम्स की तरफ से वेंटिलेटर नहीं होने की बात बोलकर मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।
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बुधवार को भी एम्स में न्यूरो की दिक्कत लेकर मोहद्दीपुर के सुबोध गए थे। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर पहले सामान्य बेड पर भर्ती करके परीक्षण की बात बोल रहे थे और आईसीयू बेड के खाली नहीं होने का हवाला दे रहे थे। स्थिति सामान्य नहीं लगने पर हम लोग निजी अस्पताल लेकर चले आए, जहां मरीज को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
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ऐसे ही दो दिन पहले, संतकबीरनगर निवासी श्रीराम गुप्ता की तबीयत बिगड़ने पर उनके बेटे कमल किशोर गुप्ता उन्हें जिला अस्पताल ले गए। वहां से एम्स लेकर पहुंचे। एम्स की इमरजेंसी पहुंचे, करीब एक घंटे बाद रात तीन बजे पर्चा बना और इलाज शुरू हुआ, सुबह डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताई। दोपहर 2 बजे उन्हें बताया गया कि आईसीयू बेड खाली नहीं है, इसलिए मरीज को तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाएं।

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बढ़ाए जाएंगे आईसीयू बेड
एम्स प्रबंधन और पिछले दिनों चेयरमैन के दौरे के बाद एम्स में जल्द ही आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाई जा सकती है। आईसीयू बेड के साथ कुछ स्टाफों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इससे मरीजों के देख-रेख और उपचार के लिए मरीज या तीमारदारों को परेशानी नहीं उठानी पडे़गी। इस संबंध में एम्स की मीडिया प्रभारी डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि आईसीयू बेड बढ़ाने की कवायद चल रही है।
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