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एम्स : छत से गिरी थी बच्ची, पहले भर्ती किया फिर कर दिया रेफर
Mon, 13 Apr 2026 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:20 AM IST
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गोरखपुर। न्यूरो की समस्या से जूझ रही एक बच्ची को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की इमरजेंसी में भर्ती किया और फिर उपचार संभव नहीं है, बोलकर रेफर कर दिया गया। इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।
देवरिया के नोनापार की एक पांच वर्ष की बच्ची नौ अप्रैल को घर पर खेलते समय छत से नीचे गिर गई थी। साथ आए एक परिजन ने बताया कि गिरने से उसका हाथ टूट गया था और सिर में भी गंभीर चोट आ गई थी। परिजनों की तरफ से किशोरी को पहले जिला अस्पताल में भर्ती करवाकर उसका उपचार शुरू किया गया। परिजनों के कहने पर जिला अस्पताल ने एम्स के लिए रेफर कर दिया। परिजनों को विश्वास था कि एम्स में बेहतर उपचार संभव होगा।
एम्स की इमरजेंसी में बच्ची का दाखिला करवाने के बाद उसकी जांच करवाई गई। केस हिस्ट्री को समझने के बाद उपचार और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की बात कही गई। इस बीच परिवार के लोग डॉक्टरों की रिपोर्ट और चिकित्सकीय परामर्श का इंतजार करते रहे। बच्ची लगभग तीन दिन तक एम्स में भर्ती रही। आरोप है कि डॉक्टरों से उपचार के बारे में पूछने पर इमरजेंसी में तैनात गार्डों की मदद से मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। शनिवार की देर रात परिजन बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज चले गए। प्रबंधन का दावा है कि प्राथमिक उपचार कर उनके परिजनों को जरूरी दिशा-निर्देश देकर बच्ची को डिस्चार्ज किया गया।
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देवरिया के नोनापार की एक पांच वर्ष की बच्ची नौ अप्रैल को घर पर खेलते समय छत से नीचे गिर गई थी। साथ आए एक परिजन ने बताया कि गिरने से उसका हाथ टूट गया था और सिर में भी गंभीर चोट आ गई थी। परिजनों की तरफ से किशोरी को पहले जिला अस्पताल में भर्ती करवाकर उसका उपचार शुरू किया गया। परिजनों के कहने पर जिला अस्पताल ने एम्स के लिए रेफर कर दिया। परिजनों को विश्वास था कि एम्स में बेहतर उपचार संभव होगा।
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एम्स की इमरजेंसी में बच्ची का दाखिला करवाने के बाद उसकी जांच करवाई गई। केस हिस्ट्री को समझने के बाद उपचार और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की बात कही गई। इस बीच परिवार के लोग डॉक्टरों की रिपोर्ट और चिकित्सकीय परामर्श का इंतजार करते रहे। बच्ची लगभग तीन दिन तक एम्स में भर्ती रही। आरोप है कि डॉक्टरों से उपचार के बारे में पूछने पर इमरजेंसी में तैनात गार्डों की मदद से मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। शनिवार की देर रात परिजन बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज चले गए। प्रबंधन का दावा है कि प्राथमिक उपचार कर उनके परिजनों को जरूरी दिशा-निर्देश देकर बच्ची को डिस्चार्ज किया गया।
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