खुशखबर: दो साल बाद फिर तैराकी का आनंद ले सकेंगे शौकीन, खेल निदेशालय ने दी अनुमति
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम, तैराकी के लिए सुबह तीन बैच तो शाम को दो बैच को प्रशिक्षण देगा। सुबह 6-9 बजे तो शाम को 4-6 बजे तक बैच का संचालन होगा। पहले चरण में केवल बालक और बालिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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गोरखपुर रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का तरणताल एक बार फिर दो साल बाद तैराकों से गुलजार होगा। खेल निदेशालय ने कोरोना से हालात सामान्य होने के बाद रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम को तरणताल के संचालन की अनुमति दे दी है। अब स्टेडियम प्रशासन ने दो पालियों में बैच के संचालन को लेकर पंजीकरण प्रारंभ कर दिया है।
क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी आले हैदर ने बताया कि 8-12 वर्ष के बालक/बालिका फिलहाल तैराकी का आनंद ले सकेंगे। इसका पंजीकरण शुल्क 10 रुपये, प्रोत्साहन समिति शुल्क 100 प्रति तैराक और 200 रुपये मासिक शुल्क निर्धारित है।
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम की तैराकी कोच संध्या यादव और जीवन रक्षक संतोष कुमार ने बताया कि स्टेडियम में तैैराकी के खिलाड़ियों के साथ शौकीनों को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि एक बैच में 25 लोगों की क्षमता निर्धारित रहती है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए 310 रुपये प्रतिमाह शुल्क और 18 वर्ष से ऊपर के लोगों का 610 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है।
सुबह तीन तो शाम को दो बैच में देंगे प्रशिक्षण
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम, तैराकी के लिए सुबह तीन बैच तो शाम को दो बैच को प्रशिक्षण देगा। सुबह 6-9 बजे तो शाम को 4-6 बजे तक बैच का संचालन होगा। पहले चरण में केवल बालक और बालिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे तरणताल की मरम्मत का कार्य प्रगति पर है, जल्द ही उसे ठीक कराकर महिला और पुरुषों के लिए भी बैच चलेंगे।
बोले तैराकी प्रशिक्षु
तैराकी से स्वास्थ्य ठीक रहने के साथ ही गर्मी से भी राहत मिलती है। मम्मी-पापा को काफी मनाना पड़ा, पर आखिरकार अनुमति मिल गई।-सात्विक शर्मा
मेरी फिटनेस पर हमेशा मां का फोकस रहता है। पहले नियमित योगा करता था, अब तैराकी के माध्यम से खुद को फिट रख रहा हूं।-वंशित शर्मा
फिल्मों में नदी में डूबते लोगों को बचाते हुए देखा है। मैं भी तैराकी सीखकर लोगों की जान बचाने में महारत हासिल करूंगा।-शास्वत श्रीवास्तव
कोरोना काल के पहले से तैराकी शौक के लिए सीख रहे थे। कोरोना में दो साल तक स्टेडियम बंद होने से सब भूल गए थे। अब नया बैच शुरू होने से मेरा प्रैक्टिस सही हो गया।-शिक्षा श्रीवास्तव