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Gorakhpur News: रंग-गुलाल में केमिकल...उड़ा न दे चेहरे का रंग

Fri, 20 Feb 2026 02:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:37 AM IST
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Adulterers are active again regarding Holi, colors and gulal are being sold openly.
- मिलावटखोर होली को लेकर फिर हुए सक्रिय, खुले में बिक रहे रंग गुलाल
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- हाथरस से मंगाया जाता है माल, आसपास के जिलों में भी फैल रहा धंधा
- जिले में 10 करोड़ के ऊपर का होली में होता है रंग-गुलाल का कारोबार



गोरखपुर। रंगों के पर्व होली को लेकर बाजार सज चुके हैं लेकिन इसके साथ ही रंग-गुलाल में मिलावट का खतरा भी बढ़ गया है। खुले में बिक रहे सस्ते रंगों व गुलाल में बालू, मिट्टी, चावल का आटा और केमिकल मिलाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे त्वचा और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

त्योहारी बाजारों में रंग-गुलाल की बिक्री तेज हो गई है और थोक बाजार में करीब 10 दिनों तक इसकी मांग बनी रहेगी। साहबगंज व अन्य बजारों में गुलाल व रंग की दुकानें सज गई हैं। यहां से माल आसपास के जिलों में भी जा रहा है। व्यापारियों के अनुसार होली के अवसर पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में 10 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है। बाजार में उपलब्ध सस्ते गुलाल की थोक कीमत 50-55 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है, जबकि फुटकर में यही 100 से 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं रंग के छोटे पैकेट 10 ग्राम तक 15 रुपये में उपलब्ध हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि ज्यादातर रंग-गुलाल हाथरस से आता है, जबकि कुछ माल कानपुर और वाराणसी से भी मंगाया जा रहा है। सस्ते रंगों में बालू या अन्य पदार्थ मिलाने की बात भी सामने आई है, विशेषकर हरे रंग में केमिकल की मात्रा अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारियों ने बताया कि गुलाल खरीदते समय सस्ते सामान पर न जाएं। गुलाल का रंग यदि ज्यादा गाढ़ा है तो उसे न खरीदें। उसमें मिट्टी या चावल का आटा मिला हो सकता है। हर्बल गुलाल सही है। इसमें रंग हल्का होता है, जो नुकसान भी नहीं करता।
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आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं मिलावटी गुलाल
जिला अस्पताल के डॉ. प्रशांत सिंह का कहना है कि मिलावटी गुलाल व रंग त्वचा रोग, आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। लोगों को भी सलाह दी जाती है कि प्रमाणित व हर्बल रंग ही खरीदें और खुले में बिक रहे सस्ते उत्पादों से बचें, ताकि त्योहार की खुशियां सुरक्षित बनी रहें।

बोले व्यापारी

लोगों की सेहत का ध्यान देते हुए हम अच्छे गुणवत्ता के गुलाल व रंग मंगाते हैं, जिससे लोगों के चेहरे पर बुरा असर रंग व गुलाल से न होने पाए। अरारोट से बना गुलाल ठीक होता है।

- रूपेश अग्रहरि, व्यापारी, साहबगंज


मिलावटी रंग व गुलाल के धंधेबाज अच्छे कारोबारियों को भी बदनाम कर रहे हैं। मिलावटी गुलाल व रंग धंधेबाज बाहर से सीधे मंगा कर बेच रहे हैं। हमलोग अच्छे गुणवत्ता के गुलाल व रंग ही बेचते हैं।
- ऋषभ, व्यापारी, साहबगंज
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