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छह माह में सुपोषित होंगे गोद लिए गांव
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छह माह में सुपोषित होंगे गोद लिए गांव
गोरखपुर। पोषण मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी के निर्देेश पर जिला स्तरीय अधिकारियों तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविकाओं ने 215 गांवों को गोद लिया है। इन गांवों को छह महीने के अंदर सुपोषित बनाना है। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी हेतंत सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि पोषण अभियान के तहत बाल विकास परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं।
ऐसे गांवों को गोद लेने की कार्रवाई की गई है। इस क्रम में 36 जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा दो-दो गांव गोद लिए गए हैं। ये वे गांव हैं जहां पर आंगनबाड़ी केंद्र पर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा 73 गांव बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा 143 गांव मुख्य सेविकाओं द्वारा गोद लिए गए हैं। डीएम के निर्देश पर 215 गोद लिए गांवों को छह महीने में कुपोषण से मुक्त करना है। इसके लिए आईसीडीएस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विभागीय योजनाओं पुष्टाहार वितरण एवं वजन, ऊंचाई, लंबाई की जांच करते हुए स्वास्थ्य प्रबंधन करना है। इसके अलावा जिनके बच्चे कुपोषित हैं, उन परिवारों को जागरूक किया जाएगा।
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गोरखपुर। पोषण मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी के निर्देेश पर जिला स्तरीय अधिकारियों तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविकाओं ने 215 गांवों को गोद लिया है। इन गांवों को छह महीने के अंदर सुपोषित बनाना है। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी हेतंत सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि पोषण अभियान के तहत बाल विकास परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं।
ऐसे गांवों को गोद लेने की कार्रवाई की गई है। इस क्रम में 36 जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा दो-दो गांव गोद लिए गए हैं। ये वे गांव हैं जहां पर आंगनबाड़ी केंद्र पर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा 73 गांव बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा 143 गांव मुख्य सेविकाओं द्वारा गोद लिए गए हैं। डीएम के निर्देश पर 215 गोद लिए गांवों को छह महीने में कुपोषण से मुक्त करना है। इसके लिए आईसीडीएस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विभागीय योजनाओं पुष्टाहार वितरण एवं वजन, ऊंचाई, लंबाई की जांच करते हुए स्वास्थ्य प्रबंधन करना है। इसके अलावा जिनके बच्चे कुपोषित हैं, उन परिवारों को जागरूक किया जाएगा।
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