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Gorakhpur News: डीडीयू में पीएचडी में 33 विषयों की 874 सीटों पर होगा प्रवेश
Thu, 05 Sep 2024 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 05 Sep 2024 03:00 AM IST
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- सत्र 2023-24 के लिए पीएचडी में प्रवेश को लेकर विश्वविद्यालय ने पूरी की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने सत्र 2023-24 की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक-दो दिन में इसके लिए आवेदन शुरू हो जाएंगे। इस बार 34 विषयों में 874 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। शोध-निर्देशकों की सूची फाइनल कर ली गई है, जिसमें विश्वविद्यालय के साथ ही काॅलेजों के शिक्षकों को भी शामिल किया गया है।
नए पीएचडी अध्यादेश के जरिए विश्वविद्यालय शोधार्थियों को कई तरह की सहूलियत देने जा रहा है। इसके मुताबिक अब शोध-प्रबंध जमा करने से लेकर पीएचडी उपाधि मिलने तक की पूरी प्रक्रिया अधिकतम छह महीने में ऑनलाइन पूरी की जाएगी। उन्हें अपना शोध निर्देशक चुनने की स्वतंत्रता भी दी जाएगी। अब शोध गुणवत्ता पर विश्वविद्यालय का विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा परास्नातक में 55 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले शोध के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम वाले अभ्यर्थियों को सीधे शोध करने का अवसर दिया जाएगा। जेआरएफ और नेट पास अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया के दौरान भारांक भी मिलेगा। विदेशी अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा से छूट दी जाएगी।
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86 अंशकालिक सीटें
इस बार पीएचडी के लिए 389 शाेधार्थियों को शोध निर्देशक के रूप में विश्वविद्यालय के शिक्षक मिलेंगे। काॅलेज के शिक्षक 399 शोधार्थियों को शोध कराएंगे। इस बार अर्हता रखने वाले पेशेवर अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग विषयों की 86 अंशकालिक पीएचडी सीटें निर्धारित की गई हैं। यदि कोई शोधार्थी पीएचडी करने दौरान नौकरी शुरू करता है तो उसे नियमित से अंशकालिक शोधार्थी बनने का विकल्प दिया जाएगा।
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कोट...
सत्र 2023-24 के लिए पीएचडी में प्रवेश लेने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार यह प्रवेश पूरी तरह से विश्वविद्यालय के नए शोध अध्यादेश के अनुसार होगा, जिसमें शोधार्थियों की सहूलियत और शोध गुणवत्ता दोनों का ध्यान रखा गया है।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने सत्र 2023-24 की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक-दो दिन में इसके लिए आवेदन शुरू हो जाएंगे। इस बार 34 विषयों में 874 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। शोध-निर्देशकों की सूची फाइनल कर ली गई है, जिसमें विश्वविद्यालय के साथ ही काॅलेजों के शिक्षकों को भी शामिल किया गया है।
नए पीएचडी अध्यादेश के जरिए विश्वविद्यालय शोधार्थियों को कई तरह की सहूलियत देने जा रहा है। इसके मुताबिक अब शोध-प्रबंध जमा करने से लेकर पीएचडी उपाधि मिलने तक की पूरी प्रक्रिया अधिकतम छह महीने में ऑनलाइन पूरी की जाएगी। उन्हें अपना शोध निर्देशक चुनने की स्वतंत्रता भी दी जाएगी। अब शोध गुणवत्ता पर विश्वविद्यालय का विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा परास्नातक में 55 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले शोध के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम वाले अभ्यर्थियों को सीधे शोध करने का अवसर दिया जाएगा। जेआरएफ और नेट पास अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया के दौरान भारांक भी मिलेगा। विदेशी अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा से छूट दी जाएगी।
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86 अंशकालिक सीटें
इस बार पीएचडी के लिए 389 शाेधार्थियों को शोध निर्देशक के रूप में विश्वविद्यालय के शिक्षक मिलेंगे। काॅलेज के शिक्षक 399 शोधार्थियों को शोध कराएंगे। इस बार अर्हता रखने वाले पेशेवर अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग विषयों की 86 अंशकालिक पीएचडी सीटें निर्धारित की गई हैं। यदि कोई शोधार्थी पीएचडी करने दौरान नौकरी शुरू करता है तो उसे नियमित से अंशकालिक शोधार्थी बनने का विकल्प दिया जाएगा।
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कोट...
सत्र 2023-24 के लिए पीएचडी में प्रवेश लेने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार यह प्रवेश पूरी तरह से विश्वविद्यालय के नए शोध अध्यादेश के अनुसार होगा, जिसमें शोधार्थियों की सहूलियत और शोध गुणवत्ता दोनों का ध्यान रखा गया है।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय