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Gorakhpur News: नकली दवा के असली गुनहगारों पर हो कार्रवाई
Fri, 09 Oct 2026 03:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 09 Oct 2026 03:06 AM IST
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गोरखपुर। नकली, अधोमानक और मादक दवाओं के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई हो लेकिन इसकी आड़ में नियमों का पालन करने वाले दवा व्यापारियों को परेशान न किया जाए। ईमानदार दवा व्यापारी अपराधी नहीं व्यवस्था का सहयोगी है।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के महासचिव सुरेश गुप्ता की मांगों का समर्थन करते हुए यह मांग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन गोरखपुर ने की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह और महामंत्री नीरज पाठक ने कहा कि नकली दवा मिलने पर केवल खुदरा व्यापारी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरी आपूर्ति शृंखला की जांच हो।
पदाधिकारियों ने कहा कि दवा कहां बनी, किस अनुज्ञापत्र पर बनी, किस वितरक के जरिये बाजार में पहुंची और बिल वास्तविक है या फर्जी, इसकी पड़ताल की जाए। जांच, नमूना परीक्षण, अभियोजन और दंड की प्रक्रिया समयबद्ध हो।
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कहा कि एक ही संघटक और समान शक्ति वाली दवाओं के दाम में भारी अंतर पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। दवा के अधिकतम खुदरा मूल्य का निर्धारण व्यापारी नहीं करता, इसलिए मूल्य विसंगति की पूरी जिम्मेदारी उस पर डालना उचित नहीं है।
एसोसिएशन ने दवा खरीद-बिक्री का विवरण ऑनलाइन करने और अनुज्ञापत्र संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विभागीय हस्तक्षेप कम करने की मांग भी की। आवेदन की स्थिति और निर्णय की समय-सीमा ऑनलाइन स्पष्ट होनी चाहिए।
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केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के महासचिव सुरेश गुप्ता की मांगों का समर्थन करते हुए यह मांग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन गोरखपुर ने की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह और महामंत्री नीरज पाठक ने कहा कि नकली दवा मिलने पर केवल खुदरा व्यापारी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरी आपूर्ति शृंखला की जांच हो।
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पदाधिकारियों ने कहा कि दवा कहां बनी, किस अनुज्ञापत्र पर बनी, किस वितरक के जरिये बाजार में पहुंची और बिल वास्तविक है या फर्जी, इसकी पड़ताल की जाए। जांच, नमूना परीक्षण, अभियोजन और दंड की प्रक्रिया समयबद्ध हो।
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कहा कि एक ही संघटक और समान शक्ति वाली दवाओं के दाम में भारी अंतर पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। दवा के अधिकतम खुदरा मूल्य का निर्धारण व्यापारी नहीं करता, इसलिए मूल्य विसंगति की पूरी जिम्मेदारी उस पर डालना उचित नहीं है।
एसोसिएशन ने दवा खरीद-बिक्री का विवरण ऑनलाइन करने और अनुज्ञापत्र संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विभागीय हस्तक्षेप कम करने की मांग भी की। आवेदन की स्थिति और निर्णय की समय-सीमा ऑनलाइन स्पष्ट होनी चाहिए।