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Gorakhpur News: बेटे को गैंगस्टर के फर्जी केस में फंसाने का आरोप
Wed, 08 Nov 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 08 Nov 2023 01:04 AM IST
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- युवक की मां ने एसएसपी को पत्र देकर की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शाहपुर के घोषीपुर निवासी फातमा खातून पत्नी सरफूदीन ने पुलिस पर बेटे को फर्जी लूट के मामले व गैंगेस्टर के मुकदमें में फंसाने का आरोप लगाया है। महिला ने एसएसपी से मंगलवार को शिकायत की है।
आरोप है कि बेटे मो. जैद को अगस्त 2022 में शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बताया था कि उसपर लूट का केस दर्ज है। आरोप है कि उस समय जैद की उम्र तकरीबन 17 वर्ष थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 42 दिन के बाद जैद रिहा हुआ।
इसके बाद उसे घरवालों ने पढ़ाई के लिए भेजा दिया। तब से वह शहर में भी नहीं है। महिला का कहना है कि 28 अक्तूबर को कौवाबाग पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी आए और बताया कि जैद को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध कर दिया गया है। जैद के साथ अभियुक्त बनाए गए इमरान अंसारी पर मृत्यु के एक साल बाद गैंगस्टर लगाया गया।
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आरोप है कि पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी लगातार घर पर दबिश देकर बेटे को हाजिर करने या कुर्की कराने की बात कह रहे हैं। जेल से रिहा होने के बाद जैद शहर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है। बताया की जिन लोगों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था, उसने जैद को स्कूटी पर गलती से बैठा लिया था।
बता दें कि मृतक पर गैंगस्टर लगाने का प्रकरण एक सप्ताह से चल रहा है। वहीं इस समय रोज गलत तरीके से गैंगस्टर लगाने के मामले सामने आ रहे हैं। इस संबंध में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जांच कर मामले में उचित कार्यवाही की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शाहपुर के घोषीपुर निवासी फातमा खातून पत्नी सरफूदीन ने पुलिस पर बेटे को फर्जी लूट के मामले व गैंगेस्टर के मुकदमें में फंसाने का आरोप लगाया है। महिला ने एसएसपी से मंगलवार को शिकायत की है।
आरोप है कि बेटे मो. जैद को अगस्त 2022 में शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बताया था कि उसपर लूट का केस दर्ज है। आरोप है कि उस समय जैद की उम्र तकरीबन 17 वर्ष थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 42 दिन के बाद जैद रिहा हुआ।
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इसके बाद उसे घरवालों ने पढ़ाई के लिए भेजा दिया। तब से वह शहर में भी नहीं है। महिला का कहना है कि 28 अक्तूबर को कौवाबाग पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी आए और बताया कि जैद को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध कर दिया गया है। जैद के साथ अभियुक्त बनाए गए इमरान अंसारी पर मृत्यु के एक साल बाद गैंगस्टर लगाया गया।
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आरोप है कि पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी लगातार घर पर दबिश देकर बेटे को हाजिर करने या कुर्की कराने की बात कह रहे हैं। जेल से रिहा होने के बाद जैद शहर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है। बताया की जिन लोगों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था, उसने जैद को स्कूटी पर गलती से बैठा लिया था।
बता दें कि मृतक पर गैंगस्टर लगाने का प्रकरण एक सप्ताह से चल रहा है। वहीं इस समय रोज गलत तरीके से गैंगस्टर लगाने के मामले सामने आ रहे हैं। इस संबंध में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जांच कर मामले में उचित कार्यवाही की जाएगी।