{"_id":"64f235c223a87f64670966b4","slug":"accidental-death-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-291571-2023-09-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: खजनी में महंत की रहस्यमय हालात में मौत, मठ में ही दफना दिया शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: खजनी में महंत की रहस्यमय हालात में मौत, मठ में ही दफना दिया शव
Sat, 02 Sep 2023 10:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Sep 2023 10:35 AM IST
सार
खजूरी महंत रामप्रसाद दास ने कहा कि मैं महंत हौशिलादास की लंबे समय से सेवा कर रहा था। हरीश चंद्र दास महंत नहीं हैं। 2016 में ही कबीर पंथ वाराणसी ने मुझे महंत बनाया है। सभी आरोप गलत हैं। महंत हौशिलादास के निधन के बाद उन्हें समाधि दी गई है। इस मौके पर समाज के लोग भी आए थे।
विज्ञापन
महंत हौशलादास। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले में खजनी क्षेत्र के खजुरी गांव में स्थित संत बनहंवाबाबा संत आश्रम खजुरी पलटू अखाड़े में महंत हौशलादास की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। आरोप है कि बिना किसी को सूचना दिए ही मठ में उन्हें दफना दिया गया है। उनके एक शिष्य ने हत्या का आरोप लगाते हुए एसपी को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, सदगुरु कबीर चरण पादुका घासीकटरा के महंत हरीश चंद्र दास ने आरोप लगाया है कि खजुरी मठ के महंत रामप्रसाद दास ने लंबे अरसे से उनके गुरु महंत हौशलादास को अपने साथ बहला फुसलाकर रखा था। महंत हौशलादास की संदिग्ध परिस्थितियों में 31 अगस्त को मौत हो गई, जिसकी सूचना संत समाज में किसी को भी नहीं दी गई। आरोप है कि महंत हौशलादास के नाम पर 100 बीघा जमीन थी, जिसके लोभ में उनके साथ वारदात की गई।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: खजनी के प्रो. दुर्गेश की दूरबीन से खुलेगा सूर्य के धधकने का राज
विज्ञापन
फिलहाल, हौशलादास की मौत की जानकारी खजुरी गांव और आसपास के लोगों को भी नहीं है। उनके शव को कब-कहां दफनाया गया या समाधि दी गई, इसकी भी सटीक जानकारी नहीं मिली है। एसओ खजनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी आज देंगे 195 परियोजनाओं की सौगात, करेंगे जनसभा
खजूरी महंत रामप्रसाद दास ने कहा कि मैं महंत हौशिलादास की लंबे समय से सेवा कर रहा था। हरीश चंद्र दास महंत नहीं हैं। 2016 में ही कबीर पंथ वाराणसी ने मुझे महंत बनाया है। सभी आरोप गलत हैं। महंत हौशिलादास के निधन के बाद उन्हें समाधि दी गई है। इस मौके पर समाज के लोग भी आए थे।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी आज देंगे 195 परियोजनाओं की सौगात, करेंगे जनसभा
खजूरी महंत रामप्रसाद दास ने कहा कि मैं महंत हौशिलादास की लंबे समय से सेवा कर रहा था। हरीश चंद्र दास महंत नहीं हैं। 2016 में ही कबीर पंथ वाराणसी ने मुझे महंत बनाया है। सभी आरोप गलत हैं। महंत हौशिलादास के निधन के बाद उन्हें समाधि दी गई है। इस मौके पर समाज के लोग भी आए थे।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।