Indian Railway: ट्रेनों में बढ़े एसी कोच, घट गए जनरल व स्लीपर के डिब्बे
रेलवे ने ट्रेनों में एसी कोच बढ़ाने और जनरल व स्लीपर के डिब्बे घटाने का निर्णय लिया है। 22 कोच की रेक में अब सात की जगह दो ही स्लीपर कोच होंगे। वहीं एसी थ्री में चार कोच ज्यादा लगाए जा रहे हैं।
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ट्रेनों में अब धीरे-धीरे किफायती सफर सपना हो जाएगा। रेलवे ने खामोशी से ट्रेनों में स्लीपर व जनरल कोच की संख्या आधे से कम करके एसी कोच बढ़ाने का निर्णय लिया। साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे की तीन जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों की रेक संरचना में नए नियमों के तहत बदलाव भी कर दिया। अब 22 कोच की रेक में सात की जगह दो ही स्लीपर कोच लगाए जा रहे हैं। एसी थ्री में चार कोच ज्यादा लगा रहे हैं। इसका मतलब है कि प्रत्येक ट्रेन में कम से कम 300 से 400 यात्रियों को स्लीपर व जनरल की जगह एसी कोच में जाना होगा। इस हिसाब से गोरखपुर की दिल्ली की यात्रा करने में दो गुना से ज्यादा किराया देना पड़ेगा।
एक समान रेक की संरचना करने के पीछे रेलवे प्रशासन का तर्क है कि ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। ट्रेनों के रेक को आसानी से बदला जा सकेगा। ट्रेन की संरचना को बदलने में कोच बढ़ाने पड़ते हैं। कभी-कभी कोच नहीं मिलने से दिक्कत बढ़ती है। यात्रियों को दूसरे कोच में यात्रा करनी पड़ती है। लेकिन, कोच की संरचना बदलने से स्लीपर व जनरल कोच की संख्या कम हो गई है। एलएचबी के 22 कोच वाले रेक की संरचना बदलाव की गाइड लाइन रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर कोचिंग राजेश कुमार ने तीन जून 2022 को जारी किया था। अब इसपर अमल किया गया है।
अब ऐसी होगी 22 कोच की रेक संरचना
श्रेणी पहले अब
जनरल 04 02
स्लीपर 07 02
एसी-3 06 10
एसी-2 02 04
एसी-1 01 01
पेंट्री कार 01 01
पावर कार/ गार्ड डिब्बा -- 01
गार्ड डिब्बा -- 01
वर्तमान में पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा 46 जोड़ी ट्रेनें एलएचबी कोच युक्त चलाई जा रही हैं, जिनके लिए कुल 62 रेक मेंटेन किया जाता है। रेलवे बोर्ड द्वारा रेकों के मानकीकरण के संबंध में निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके अनुसार रेकों का कंपोजीशन बनाया जाएगा। रेकों के मानकीकरण से रेक के प्रतीक्षा में होने वाले विलंबन को रोका जा सकेगा। रेकों के अनुरक्षण में भी समय कम लगेगा। वाराणसी से नई दिल्ली के मध्य चलने वाली तीन जोड़ी ट्रेनों 12559/60, 12581/82 के रेकों का मानकीकरण कर समान कंपोजीशन बनाया जा चुका है। -पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर