फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   A fraudulent chit fund company committed fraud worth 1.5 crore rupees; the operators have absconded.

90 दिन में 6 से 9 प्रतिशत ब्याज का झांसा: फर्जी चिटफंड कंपनी खोलकर डेढ़ करोड़ की जालसाजी, संचालक भागे

Thu, 01 Jan 2026 11:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 01 Jan 2026 11:37 AM IST
सार

प्रभुनाथ का आरोप है कि निवेशकों को यह लालच दिया गया कि 90 दिनों में 6 से 9 प्रतिशत तक का सुनिश्चित लाभ मिलेगा, जिससे एक साल में 24 से 40 प्रतिशत तक मुनाफा होने का दावा किया गया। यह भी कहा गया कि निवेशक जब चाहे अपना पैसा निकाल सकता है और कंपनी के प्रोडक्ट की डिलीवरी भी किसी भी समय ली जा सकती है।

विज्ञापन
A fraudulent chit fund company committed fraud worth 1.5 crore rupees; the operators have absconded.
ई कॉमर्स (प्रतीकात्मक) - फोटो : एएनआई

विस्तार

ई-कॉमर्स ड्रॉपशिपिंग और नेटवर्किंग के नाम पर फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर निवेशकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र निवासी और कंपनी में कर्मचारी प्रभुनाथ गुप्ता ने कोतवाली थाने में कंपनी के संचालकों और उनके सहयोगियों (छह आरोपी) के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

विज्ञापन


पीड़ित का आरोप है कि फर्जी कंपनी में कुल एक करोड़ 50 लाख 56 हजार रुपये फंसे हुए हैं, जिसमें अकेले उसके 77 लाख रुपये डूब गए हैं। पीड़ित प्रभुनाथ गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात सनड्रॉपशीप रिसेलर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक सुनील सिंह से हुई थी। 

विज्ञापन

सुनील ने खुद को एक सफल ई-कॉमर्स उद्यमी बताते हुए कहा कि उसकी कंपनी ड्रॉपशिपिंग मॉडल पर काम करती है और इसमें निवेश करने पर कम समय में मोटा मुनाफा मिलता है। वह अपनी शिक्षक पत्नी बीना सिंह, पुत्र-पुत्री, कंपनी निदेशक अरविंद कुमार डीन और वरिष्ठ एडवाइजर अहमद अली के साथ मिलकर कंपनी का संचालन करता है।

प्रभुनाथ का आरोप है कि निवेशकों को यह लालच दिया गया कि 90 दिनों में 6 से 9 प्रतिशत तक का सुनिश्चित लाभ मिलेगा, जिससे एक साल में 24 से 40 प्रतिशत तक मुनाफा होने का दावा किया गया। यह भी कहा गया कि निवेशक जब चाहे अपना पैसा निकाल सकता है और कंपनी के प्रोडक्ट की डिलीवरी भी किसी भी समय ली जा सकती है।

इन आकर्षक दावों के चलते प्रभुनाथ ने खुद तो निवेश किया ही, साथ ही अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी कंपनी से जोड़ दिया। शुरुआती कुछ महीनों तक निवेशकों को आंशिक लाभ और प्रोडक्ट की डिलीवरी दी जाती रही, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो गया लेकिन जून 2024 के बाद अचानक कंपनी ने भुगतान बंद कर दिया।

निवेशकों ने जब अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने तकनीकी दिक्कत और बाजार में नुकसान का हवाला देकर टालना शुरू कर दिया। बाद में फोन उठाने और कार्यालय आने-जाने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
विज्ञापन

पीड़ितों का आरोप है कि प्रभुनाथ गुप्ता, विजय शंकर गुप्ता और शिवकुमार गुप्ता समेत कई निवेशकों की कुल लगभग 1.50 करोड़ रुपये की रकम कंपनी में फंसी हुई है। अब कंपनी के सभी संचालक और सहयोगी भागे गए हैं। निवेशकों को आशंका है कि पूरी रकम का गबन कर लिया गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट तक खड़ा हो गया है।

वर्जनपीड़ित की तहरीर पर छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। कंपनी से जुड़े लेनदेन के सभी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया जाएगा: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed