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Gorakhpur News: सेवानिवृत्त प्रोफेसर की संपत्ति हड़पने के आरोप में नौकरानी व उसके तीन बेटों पर केस

Fri, 17 Oct 2025 02:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 02:03 AM IST
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A case has been filed against a maid and her three sons for allegedly usurping the property of a retired professor.
- प्रोफेसर के पोते ने संपत्ति कब्जाने, बैंक खातों में हेराफेरी और हत्या की साजिश का लगाया आरोप
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- पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराया केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर की संदिग्ध मौत और उनकी संपत्ति पर कब्जे का मामला अब कानूनी रूप ले चुका है। हरियाणा के फरीदाबाद निवासी और पूर्व प्रोफेसर स्व. सुरेश चंद्र बहल के पोते निखिल बहल ने उनकी देखरेख करने वाली नौकरानी आयशा खान उर्फ क्लारा अगीता उर्फ विनीता साइमन और उसके बेटों तनवीर अहमद उर्फ डेविड साइमन, अर्पित साइमन और आशीष साइमन पर धोखाधड़ी, साजिश और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया है।

मूलरूप से फरीदाबाद सेक्टर-8 निवासी निखिल बहल इस समय कैंट थाने के अंतर्गत न्यू सूर्य विहार कॉलोनी, दाउदपुर में रह रहे हैं। उनका कहना है कि दादा वृद्धावस्था और दादी की बीमारी के चलते आयशा खान को केयरटेकर के रूप में घर में रखा गया था। कुछ समय बाद आयशा ने अपने तीन बेटों तनवीर अहमद उर्फ डेविड साइमन, अर्पित साइमन और आशीष साइमन को भी वहीं रहने के लिए बुला लिया। धीरे-धीरे उन्होंने दादा का विश्वास जीतकर बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और संपत्ति से जुड़ी जानकारी ले ली। निखिल के मुताबिक, आयशा ने बैंक कर्मचारियों की मदद से दादा का पुराना खाता बंद करवा दिया, जिसमें उनकी मां इंदू बहल नामिनी थीं। इसके बाद आयशा ने बीमा पॉलिसी में खुद को लाभार्थी के रूप में दर्ज करा लिया और दादा को पति बताते हुए दस्तावेज तैयार कराए।
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निखिल ने बताया कि 10 मार्च 2025 को दादा की संदिग्ध परिस्थितियों में नांगलिया अस्पताल में मौत हो गई। आयशा का कहना था कि वे घर में गिरकर घायल हुए थे, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई। सूचना मिलने पर परिजन फरीदाबाद से गोरखपुर पहुंचे और राजघाट श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। श्राद्ध के बाद जब परिवारजन दाउदपुर स्थित मकान पहुंचे, तो आयशा और उसके तीनों बेटे पहले से मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने मकान पर कब्जे का दावा करते हुए कहा कि यह मकान अब हमारा है, यहां से चले जाओ, नहीं तो जान से मार देंगे। थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट में शरण ली। थानाप्रभारी संजय सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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