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Gorakhpur News: 100 फुट गड्ढा खोदकर कराया ब्लास्ट...एक किमी तक कंपन, लगा भूकंप आ गया - डरे लोग
Sun, 07 Dec 2025 02:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 02:06 PM IST
सार
सर्वे के दौरान मजदूर और कंपनी के सुपरवाइजर ही दिखे, कोई अधिकारी नहीं था। जब ग्रामीणों ने अनुमति संबंधी कागजात मांगे तो सुपरवाइजर ने करीब 10 माह पुराना कागज दिखाया। नयनसर गांव में एक काश्तकार ने खेत में गड्ढा करने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया है कि बिना मुआवजा मिले ही खेत में ब्लास्ट करा दिया गया।
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कैंपियरगंज तहसील के नयनसर गांव में किया गया ब्लास्ट. पहले तैयारी की गई.
- फोटो : संवाद न्यूज
विस्तार
कैंपियरगंज तहसील के नयनसर और रायपुर गांव के सिवान में शनिवार सुबह प्राकृतिक गैस और तेल की खोज करने के लिए 100 फुट से अधिक का गड्ढा खोदकर ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) की तरफ से अल्फा जियो कंपनी की टीम ने ब्लास्ट कराया। इसके बाद डेटा रिकॉर्ड किया।
धमाका इतना तेज था कि एक किलोमीटर के दायरे तक कंपन महसूस किया गया। इससे लोग सहम गए, उन्हें लगा कि भूकंप आ गया है। वहीं, नयनसर गांव में मुआवजा नहीं मिलने पर एक काश्तकार ने खेत में गड्ढा करने से मना कर दिया।
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धमाका इतना तेज था कि एक किलोमीटर के दायरे तक कंपन महसूस किया गया। इससे लोग सहम गए, उन्हें लगा कि भूकंप आ गया है। वहीं, नयनसर गांव में मुआवजा नहीं मिलने पर एक काश्तकार ने खेत में गड्ढा करने से मना कर दिया।
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इधर, किसानों ने आरोप लगाया कि जिनके खेत में ब्लास्ट कराया गया है, उन्हें मुआवजा तक नहीं मिला। वहीं, अल्फा जियो कंपनी के जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रभावित सभी ग्रामीणों को सात से आठ दिन में मुआवजा दिया जाएगा।
ग्रामीण पलटूराम, प्रशांत त्रिपाठी और रामनवल ने बताया कि शनिवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर 100 फुट से अधिक तक बोरिंग की गई। इसके बाद गड्ढे में बारूद डालकर ब्लास्ट किया गया। इससे धरती में कंपन के साथ मिट्टी से 150 फुट से ज्यादा ऊंचाई तक फव्वारा निकलते देखा गया।
ग्रामीण पलटूराम, प्रशांत त्रिपाठी और रामनवल ने बताया कि शनिवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर 100 फुट से अधिक तक बोरिंग की गई। इसके बाद गड्ढे में बारूद डालकर ब्लास्ट किया गया। इससे धरती में कंपन के साथ मिट्टी से 150 फुट से ज्यादा ऊंचाई तक फव्वारा निकलते देखा गया।
उधर, सर्वे के दौरान मजदूर और कंपनी के सुपरवाइजर ही दिखे, कोई अधिकारी नहीं था। जब ग्रामीणों ने अनुमति संबंधी कागजात मांगे तो सुपरवाइजर ने करीब 10 माह पुराना कागज दिखाया। नयनसर गांव में एक काश्तकार ने खेत में गड्ढा करने से मना कर दिया।
ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया है कि बिना मुआवजा मिले ही खेत में ब्लास्ट करा दिया गया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने मुआवजा का आश्वासन दिया। इस मामले में जिला खनन निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पेट्रोलियम गैस और खनन संबंधित कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया है कि बिना मुआवजा मिले ही खेत में ब्लास्ट करा दिया गया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने मुआवजा का आश्वासन दिया। इस मामले में जिला खनन निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पेट्रोलियम गैस और खनन संबंधित कोई जानकारी नहीं है।
ओएनजीसी अल्फा जियो कंपनी की ओर से नेचुरल गैस और तेल का सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित सभी ग्रामीणों को सात से आठ दिन में मुआवजा दिया जाएगा: अंबिका प्रसाद चौधरी, जन संपर्क अधिकारी, अल्फा जियो कंपनी
पेट्रोलियम सर्वे के लिए वैध अनुमति है या नहीं, विशेषज्ञों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। हमें इस संबंध में सर्वे कराने वाली टीम ने अब तक कोई सूचना नहीं दी है: रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
पेट्रोलियम सर्वे के लिए वैध अनुमति है या नहीं, विशेषज्ञों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। हमें इस संबंध में सर्वे कराने वाली टीम ने अब तक कोई सूचना नहीं दी है: रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी