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Gorakhpur News: औद्योगिक विकास के लिए 799 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण

Wed, 06 Sep 2023 02:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 Sep 2023 02:30 AM IST
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799 hectares of land will be acquired for industrial development
गीडा प्राधिकारी की 59वीं बैठक  करते कमिश्नर अनिल ढ़ींगरा।
गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) प्राधिकारी की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें गीडा और धुरियापार क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए आसपास के किसानों से जमीन खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके लिए किसानों को डीएम सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
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गीडा क्षेत्र के लिए अधिसूचित तहसील सहजनवां की ग्रामसभा चकभोप, ककना, चकफत्ता एवं बरउर के कुल 148.186 हेक्टेयर जबकि धुरियापार के लिए गोला तहसील के ग्राम हरपुर, सकरदेइया एवं कास्त काशीनायक से कुल 651.965 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी।
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मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्र में लग रही इकाइयों, प्लॉट आवंटन, उद्यमियों की तरफ से की जाने वाली जमीन की डिमांड और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों से जिस तरह उद्यमी पूर्वांचल खासकर गोरखपुर में निवेश को इच्छुक हैं, इसे देखते हुए गीडा एवं धुरियापार में लैंड बैंक बढ़ाना जरूरी है।
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समिति के सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए डीएम सर्किल रेट के चार गुने पर जमीन खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गीडा की अन्य औद्योगिक, व्यवसायिक योजना के साथ-साथ सभी प्रकार के भूखंडों के आवंटन के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए सीईओ को अधिकृत करते हुए अगली कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
बैठक में लघु उद्योग भारती व चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से दिए गए ज्ञापन पर विचार करते हुए गीडा में स्थापित फायर हाइड्रेन्ट के सुचारू रूप से संचालन के लिए प्रत्येक तीन माह में आपदा प्रबंधन समिति के सहयोग से इसके परीक्षण का निर्णय लिया गया। गीडा की तरफ से उद्यमियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं को शीघ्र ऑनलाइन करने का भी निर्देश दिया गया।

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने भूखंडों के आवंटन के बाद उद्योग स्थापना की सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष किए जाने एवं आवंटित भूखंडों के कब्जे में प्राधिकरण स्तर से विलंब होने की दशा में शून्य काल का लाभ दिए जाने के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि अन्य औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में लागू व्यवस्था का अध्ययन कर अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। बैठक में डीएम कृष्णा करुणेश भी मौजूद रहे।
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