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Gorakhpur News: एमबीबीएस के 73 विद्यार्थी प्री-फाइनल परीक्षा में फेल, 35 विद्यार्थी सिर्फ सर्जरी विषय में फेल
Sat, 02 May 2026 02:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 02:49 AM IST
सार
परीक्षा परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किया गया। नोटिस बोर्ड पर परिणाम चस्पा होते ही विद्यार्थियों के बीच हलचल मच गई। खासकर सर्जरी, मेडिसिन और गायनीकोलॉजी जैसे प्रमुख विषयों में कमजोर प्रदर्शन ने फैकल्टी और प्रशासन को भी चौंका दिया है। परीक्षा में सबसे अधिक 35 विद्यार्थी सर्जरी विषय में फेल हुए हैं।
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गोरखपुर एम्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एमबीबीएस 2021 बैच की प्री-फाइनल (नौवें सेमेस्टर) परीक्षा में कुल 73 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण घोषित हुए हैं। परिणाम आने के बाद प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
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जानकारी के मुताबिक, परीक्षा में सबसे अधिक 35 विद्यार्थी सर्जरी विषय में फेल हुए हैं। इसके अलावा मेडिसिन में 22, आब्सटेट्रिक्स एंड गायनीकोलॉजी में 15 और कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन में एक विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि एक विद्यार्थी को आब्सटेट्रिक्स एंड गायनीकोलॉजी विषय में शून्य अंक प्राप्त हुए हैं।
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एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि यह प्री-फाइनल परीक्षा है और इसके अंक फाइनल परिणाम में नहीं जोड़े जाते।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों की तैयारी का आकलन करना है ताकि वे अपनी कमियों को समय रहते सुधार सकें। शून्य अंक के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विद्यार्थी ने नकल सामग्री का उपयोग किया होगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
परीक्षा परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किया गया। नोटिस बोर्ड पर परिणाम चस्पा होते ही विद्यार्थियों के बीच हलचल मच गई। खासकर सर्जरी, मेडिसिन और गायनीकोलॉजी जैसे प्रमुख विषयों में कमजोर प्रदर्शन ने फैकल्टी और प्रशासन को भी चौंका दिया है। हालांकि, पीडियाट्रिक्स विषय में छात्रों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर बताया जा रहा है।
परीक्षा परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किया गया। नोटिस बोर्ड पर परिणाम चस्पा होते ही विद्यार्थियों के बीच हलचल मच गई। खासकर सर्जरी, मेडिसिन और गायनीकोलॉजी जैसे प्रमुख विषयों में कमजोर प्रदर्शन ने फैकल्टी और प्रशासन को भी चौंका दिया है। हालांकि, पीडियाट्रिक्स विषय में छात्रों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर बताया जा रहा है।