निकाय चुनाव में घूंघट की आड़ में मूंछों का खेल: तब पार्षद दिखीं ना अब दावेदार, जब दिखे तो पति या रिश्तेदार
वार्ड संख्या आठ चरगांवा अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। यहां से चार प्रत्याशी मैदान में हैं लेकिन, ज्यादातर मतदाताओं का कहना है कि सभी पोस्टर में ही दिखती हैं। वार्ड में उनकी तरफ से उनके पति, देवर और बेटे वोट मांग रहे हैं।
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गोरखपुर शहर के वार्ड नंबर 80 से निर्विरोध निर्वाचित होकर नगर निगम चुनाव में इतिहास दर्ज करने वाली भाजपा प्रत्याशी पूनम सिंह को भले ही जीत का प्रमाणपत्र मिला, लेकिन बधाई उनके पति बृजेश सिंह छोटू को ही दी जा रही है। रणनीति भी उन्हीं की सराही जा रही।
वार्ड संख्या आठ चरगांवा अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। यहां से चार प्रत्याशी मैदान में हैं लेकिन, ज्यादातर मतदाताओं का कहना है कि सभी पोस्टर में ही दिखती हैं। वार्ड में उनकी तरफ से उनके पति, देवर और बेटे वोट मांग रहे हैं। वार्ड नंबर दो बाबा राघव दास नगर महिला के लिए आरक्षित है।
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यानी यहां से किसी भी वर्ग की महिला प्रत्याशी दावेदारी कर सकती है। आठ महिलाएं मैदान में भी हैं। एक-दो को छोड़कर बाकी प्रत्याशियों का किसी ने अभी तक मुंह नहीं देखा। अलबत्ता उनके पति, बेटे को ज्यादातर लोग जान गए हैं। कुछ चुनावी प्रचार के लिए घरों से निकलीं तो वह भी पति-बेटे के साथ।
यह सिर्फ बानगी है। निकाय चुनाव में नगर निगम के वार्ड पार्षदों के 80 सीटों में से करीब एक तिहाई यानी 27 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। मगर, ज्यादातर का नाम और चेहरा सिर्फ बैनर, पोस्टर और होर्डिंग तक ही सीमित है। ऐसा हम नहीं, क्षेत्र की जनता कह रही है।
वार्ड में उनके नाम पर मतदाताओं को सहेजने में उनके पति, बेटे या फिर ससुर और देवर लगे हैं। वार्ड नंबर 69 श्रीराम चौक में एक दल की महिला प्रत्याशी सक्रिय हैं। उनके पति निवर्तमान पार्षद हैं तो वह खुद भी पार्षद रह चुकी हैं।
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सीट, महिला होने पर एक बार फिर मैदान में हैं। इस वार्ड से दूसरे दलों समेत निर्दल के तौर पर भी अन्य महिलाओं ने दावेदारी की है मगर सभी के पति और बेटे ही सक्रिय हैं।
यही नहीं, पिछले चुनाव में जीत दर्ज कराने वालों में से भी ज्यादातर महिला पार्षदों का दायरा, घरों या फिर ज्यादा से ज्यादा नगर निगम सदन की बैठकों तक ही सीमित रहा। बाहर के सभी काम उनके पति या बेटों ने संभाला। कुछ तो ऐसे वार्ड हैं जहां पांच साल बीत जाने के बाद भी वहां के लोग महिला पार्षद के पति-बेटों को ही पार्षद जानते हैं।
और इन्होंने पेश की नजीर
24 साल तक सड़क से सदन तक आवाज बुलंद करती रहीं राजकुमारी
कोरी टोला धर्मशाला निवासी विजय तिलक ने बताया कि धर्मशाला वार्ड से 24 साल तक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक आवाज बुलंद करने वाली पूर्व पार्षद स्व. राजकुमारी उन सभी महिला पार्षद पद की महिला प्रत्याशियों के लिए प्रेरणा हैं, जो चौखट लांघ कर खुद अपने पक्ष में वोट मांगने तक नहीं पहुंच पा रही हैं। वर्ष 1989 से लेकर 2012 तक लगातार पार्षद रहते हुए वह, जनता की समस्याओं को लेकर हमेशा मुखर रहीं।
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नगर आयुक्त हो या डीएम, कमिश्नर, वह किसी के भी कार्यालय में पहुंचकर समस्याओं के निस्तारण के लिए संवाद करने से हिचकती नहीं थी। क्षेत्र का विकास उनकी पहली प्राथमिकता थी। पूरे वार्ड में उन्होंने पोल, लाइट, सड़क, खड़ंजा, नाली, पंप हाउस, लोहिया पार्क का जिर्णोद्धार, व्यायामशाला का निर्माण कराया। पुलिस लाइन की दीवार हटाकर नई सड़क का निर्माण कार्य आदि कई ऐसे कार्य हैं जिनके लिए वह आज भी याद की जाती हैं। नक्को बाबा की मजार और ब्रिज के पूरब तरफ सड़क का निर्माण कराने पर भी उनकी बहुत प्रशंसा हुई थी।
बोले वार्ड के लोग
यह जानते हुए भी कि जीत के बाद महिला पार्षद की जगह क्षेत्र में उनके पति या बेटे ही दिखाई पड़ेंगे, मतदान किया जाता है। वोट तो बर्बाद नहीं कर सकते न। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रचार-प्रसार का शोर तेज हो गया है, मगर भाजपा प्रत्याशी ही क्षेत्र में दिखाईं पड़ती हैं। वार्ड की बाकी प्रत्याशियों का भी खूब प्रचार हो रहा है, मगर यह जिम्मेदारी उनके घर के पुरुष निभा रहे हैं।- भृगुनाथ शुक्ला, वार्ड नंबर 69, श्रीराम चौक
बीएसपी प्रत्याशी कभी-कभी वार्ड के कुछ मोहल्लों में खुद प्रचार करते हुए दिखाई पड़ती हैं। मगर बाकी की तीन प्रत्याशी की जगह उनके पति प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। कुछ का तो मैं नाम भी नहीं जानता। उनके पति, बेटे और चुनाव चिन्ह से उनकी पहचान है। क्षेत्र में सब लोग यही जानते हैं कि महिला प्रत्याशियों के घर के पुरुष सदस्य ही चुनाव लड़ रहे हैं। प्रत्याशी सामने पड़ जाए तो मैं क्या, वार्ड के ज्यादातर लोग भी उन्हें पहचान नहीं पाएंगे।- अशोक कुमार, वार्ड नंबर 8 चरगांवा
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मेरे वार्ड से आठ प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। प्रचार-प्रसार सुबह और शाम के वक्त ज्यादा होता है। प्रत्याशी के तौर पर अभी सिर्फ भाजपा की बाला देवी वोट मांगने आईं थीं। वह भी एक बार। ज्यादातर प्रत्याशियों के तो पति या बेटे ही प्रचार कर रहे हैं। प्रत्याशियों का तो चेहरा ही नहीं याद है। उनके पति-बेटे आते हैं तो नाम और चुनाव चिन्ह याद दिलाते हैं। - बृजराज पासवान, वार्ड नंबर 2, बाबा राघव दास नगर
महिला सीट होने की वजह से अभी तक कोई प्रत्याशी तो नहीं दिखाई पड़ा है। कोई आता नहीं तो किसी को पहचान पाना भी मुमकिन नहीं। एक-दो प्रत्याशियों के पति या उनके घर के अन्य पुरुष सदस्यों को जानता हूं। यह साफ है कि जीत के बाद मूल प्रत्याशी की जगह उनके पति या बेटे ही वार्ड की जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन क्या किया जा सकता है। वोट तो देना ही है। - घनश्याम कुमार, वार्ड नंबर 2, बाबा राघव दास नगर
वार्ड से सात प्रत्याशी हैं मगर भाजपा की सुनीता देवी ही एक बार मोहल्ले में आईं थी। एक दो और प्रत्याशियों के खुद क्षेत्र में भ्रमण कर प्रचार करने की सूचना है लेकिन मेरे मोहल्ले में अभी दूसरा कोई प्रत्याशी नहीं आया। सभी के पति और बेटे ही प्रचार कर रहे हैं। - चंदन जायसवाल, वार्ड नंबर 3 रानीडीहा
भाजपा प्रत्याशी जयंती देवी खुद प्रचार के लिए आईं थीं तो सपा प्रत्याशी चंदा देवी पति के साथ आईं थीं। एक निर्दल प्रत्याशी भी आईं थी अपने पति के साथ लेकिन उनका नाम नहीं ध्यान है। ज्यादातर प्रत्याशियों के पति और उनके बेटे ही प्रचार-प्रसार का मोर्चा संभाले हैं। क्षेत्र में वोट मांगते भी वही दिखाई देते हैं। - रामप्रकाश त्रिपाठी, वार्ड नंबर 6 खोराबार
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वार्ड में तो कभी पार्षद शमा यास्मीन को नहीं देखा। एक बार मोहल्ले की एक समस्या को लेकर उनके घर गया था तो उन्हें देखा था। उनका लड़का ही वार्ड में सक्रिय रहता है। कोई समस्या होती थी तो उसी से बोलते थे। - असलम अंसारी, वार्ड नंबर 32 शहीद अशफाक उल्लाह नगर
हम तो पांच साल तक यही जानते आए हैं कि वार्ड के पार्षद धर्मेंद्र सिंह हैं। उनकी पत्नी स्नेहलता का नाम तो आपसे सुन रहे हैं। इस बार भी धर्मेंद्र ही प्रचार-प्रसार करते नजर आ रहे हैं। पांच साल तक तो वार्ड के कार्यक्रमों में भी वहीं हमेशा दिखाई देते रहे।- अनुकृति सिंह, वार्ड नंबर 70, चंद्रशेखर आजाद नगर वार्ड
मेरे वार्ड की पार्षद शकुन मिश्रा अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान सक्रिय रहीं हैं। वार्ड की समस्याओं को नगर निगम सदन में उठाने के साथ ही लोगों के बीच रही हैं। सभी कार्यक्रमों में भी खुद ही मौजूद रहती हैं।- अरुण मिश्रा, वार्ड नंबर 23, बिछिया
ये वार्ड है महिलाओं के लिए आरक्षित
वार्ड 2 बाबा राघवदास नगर- महिला
वार्ड 3 रानीडीहा - अनुसचित जाति महिला
वार्ड 5 बाबा गंभीरनाथ नगर - पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 6 खोराबार - अनुसूचित जाति महिला
वार्ड 8 चरगांवा - अनुसूचित जाति महिला
वार्ड 12 अशोक नगर- महिला
वार्ड 15 हनुमंत नगर- महिला
वार्ड 18 गायत्रीनगर - महिला
वार्ड 19 गोपालपुर -महिला
वार्ड 24 मत्स्येंद्र नगर-पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 29 पंडित राम प्रसाद बिस्मिलनगर- पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 30 गुलरिहा - महिला
वार्ड 31 हरसेवकपुर-महिला
वार्ड 32 शहीद अशफाक उल्लाह नगर-महिला
वार्ड 33 नरसिंहपुर- पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 35 सालिकरामनगर - महिला
वार्ड 37 भरवलिया-पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 42 महाराणा प्रताप नगर - महिला
वार्ड 43 शाहपुर- महिला
वार्ड 46 शक्तिनगर- महिला
वार्ड 47 महात्मा ज्योतिबा फूले नगर- महिला
वार्ड 49 बेनीगंज रूद्रपुर- महिला
वार्ड 51 देवी प्रसाद नगर-पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 66 नेताजी सुभाष नगर- पिछड़ा वर्ग महिला
वार्ड 69 श्रीराम चौक- महिला
वार्ड 75 शिवाजी नगर - महिला
वार्ड 80 राप्तीनगर- महिला