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Gorakhpur News: 24 फीसदी युवा भी हाई ब्लड प्रेशर के शिकार
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अध्ययन रिपोर्ट: एम्स के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के आंकड़े चौंका रहे
19 से 44 वर्ष के 7983 लोगों की बीपी जांच हुई, इसमें से 5873 की पहली बार हुई स्क्रीनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अनियमित जीवन शैली और खाने में नमक की बढ़ती मात्रा से लोगों में उच्च रक्तचाप का मर्ज बढ़ता जा रहा है। एम्स के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग में बीते छह माह में मरीज और उनके साथ आए 7983 लोगों की ब्लड प्रेशर की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 5873 ने पहली बार ऐसी जांच कराई थी। इनमें से 33 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप की चपेट में हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 19 से 44 वर्ष की उम्र के 24 प्रतिशत युवा भी उच्च रक्तचाप की चपेट में हैं।
सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप खरया ने बताया कि ये आंकड़े अभी ओपीडी में आए मरीजों की रैंडम जांच की है। एम्स के ओपीडी में पर्ची काउंटर के नजदीक ही हेल्प डेस्क एरिया में नि:शुल्क ब्लड प्रेशर जांच कैंप लगाया गया है। इस केंद्र पर अभी तक 7983 लोगों के ब्लड प्रेशर जांच के आंकड़े सामने आए हैं। इसमें से 5873 वह लोग थे, जिनमें पहले कभी उच्च रक्तचाप की शिकायत नहीं थी या कभी बीपी जांच नहीं हुई थी। जांच हुई तो इनमे से 33 प्रतिशत लोग हाई ब्लड प्रेशर की चपेट में मिले। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा युवाओं का है। 19 से 44 वर्ष आयु के 24 प्रतिशत युवाओं में उच्च रक्तचाप की शिकायत है। युवा आयु समूह में यह प्रतिशत खतरनाक संकेत है।
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ये लक्षण दिखें तो सतर्क हो जाएं
सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. आनंद मोहन दीक्षित ने बताया कि ब्लड प्रेशर की एक निश्चित अंतराल पर जांच होनी चाहिए। सिर दर्द, रात में नींद न आना, घबराहट आदि के लक्षण बार-बार दिखने पर रक्तचाप की जांच जरूर कराएं। ऐसा इसलिए कि उच्च रक्तचाप से लकवा और हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है।
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अनियमित दिनचर्या का है असर
सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राम शंकर रथ ने बताया कि अनियमित दिनचर्या और खान-पान में लापरवाही ही बढ़ते ब्लड प्रेशर के लिए प्रमुख तौर पर जिम्मेदार हैं। धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना चाहिए और निरंतर शारीरिक व्यायाम और योगाभ्यास करना चाहिए। इसके अलावा अतिरिक्त नमक वाले खाद्य पदार्थ जैसे अचार, चटनी, पापड़ को कम खाना चाहिए अथवा इनको बनाते समय नमक कम मिलाएं। पापड़ या सलाद पर ऊपर से नमक छिड़क कर न खाएं। एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अनिल कोपरकर ने कहा कि खानपान और व्यायाम का ध्यान बाल्यावस्था से ही रखना होगा, ताकि युवा इस बीमारी की चपेट में आने से बच सकें। इसीलिए प्राथमिक विद्यालय शिवपुर में एम्स नियमित रूप से हेल्थ काउंसिलिंग सत्र आयोजित कर रहा है।