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कर वसूली: गोरखपुर जीडीए-नगर निगम के फेर में फंसीं 12 कॉलोनियां..बाशिंदे पशोपेश में

Thu, 11 Jan 2024 11:40 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 11 Jan 2024 11:40 AM IST
सार

जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि जीडीए द्वारा नगर निगम से 12 कॉलोनियों का हस्तांतरण लेने की अपील की गई है। जब तक ये कॉलोनियां हस्तांतरित नहीं होतीं, सफाई आदि मद में आवासीय व व्यावसायिक भवन के लिए अलग-अलग कर लिए जाएंगे।

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12 colonies stuck in trap of GDA Municipal Corporation Gorakhpur
वसुंधरा एन्क्लेव फेज एक व दो में अपार्टमेंट के सामने उगी घास। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कई साल पहले निर्माण कार्य पूरा होने एवं आवंटियों के बस जाने के बाद भी तारामंडल क्षेत्र में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 12 काॅलोनियों का हस्तांतरण नगर निगम को नहीं हो पाया है। जीडीए की ओर से इसके लिए कई बार प्रयास भी किया गया, लेकिन नगर निगम ने अभी तक कब्जा प्राप्त नहीं किया। हालांकि, नगर निगम की टीम सर्वे भी कर चुकी है, लेकिन हस्तांतरण प्रक्रिया लटकी हुई है। इसको लेकर यहां के बाशिंदे पशोपेश में हैं।

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इस बीच जीडीए की कई कॉलोनियों के हैंडओवर लेने के बजाय नगर निगम गृह कर लेने की तैयारी में जुट गया है, जबकि यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। अब वे परेशान हैं कि कहीं जीडीए और नगर निगम दोनों अलग-अलग कर न वसूलने लगें।
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वसुंधरा एन्क्लेव एक व दो में रह रहे लोगों से नगर निगम गृह कर वसूलने की तैयारी में है। कॉलोनी के सभी 40 ब्लॉक के 12 फ्लैट पर गृह कर वसूलने के लिए मार्किंग की जा चुकी है। इसके साथ अन्य कॉलोनियों में बिना कोई सुविधा मुहैया कराए नगर निगम गृह कर वसूलने की तैयारी में है।
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जीडीए व नगर निगम की संयुक्त टीम की ओर से जून 2020 में निरीक्षण करने के बाद 11 परियोजनाओं को नगर निगम को हस्तगत करने का प्रस्ताव बनाया गया था। उस दौरान संयुक्त निरीक्षण में नगर निगम की ओर से निर्णय लिया गया था कि बुद्ध विहार पार्ट ए, बी, सी, आम्रपाली योजना और अमरावती योजना नगर निगम की सीमा से बाहर होने के कारण निगम को हस्तगत नहीं हो सकती हैं।

हालांकि अब ये तीनों योजनाएं भी नगर निगम की सीमा में शामिल हो चुकी हैं। अब नगर निगम द्वारा बताए गए कार्य भी इन योजनाओं में पूरे कर लिए गए हैं। जीडीए की ओर से दिसंबर 2021 में नगर आयुक्त के नाम पत्र लिखकर तारामंडल क्षेत्र की 12 काॅलोनियों का कब्जा लेने का अनुरोध किया जा चुका है।

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वसुंधरा में चंदा जुटाकर सोसाइटी करवाती है सफाई
वसुंधरा एनक्लेव सोसाइटी के आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि कॉलोनी में साफ सफाई के लिए चार सफाईकर्मियों को रखा गया है। उनको दस-दस हजार रुपये मासिक दिया जाता है। सोसाइटी कॉलोनी में रह रहे लोगों से रकम जुटा कर उनका मानदेय का भुगतान करती है। जीडीए द्वारा सफाई को लेकर ध्यान नहीं देने के बाद मजबूरी में इस कदम को उठाना पड़ा। कुछ दिन पहले नगर निगम ने गृहकर के लिए सभी मकानों पर मार्किंग की है। अब जीडीए सफाई के नाम पर कर लेने की तैयारी कर रहा है। जबतक कॉलोनी में व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होगी तब तक कोई कर नहीं दिया जाएगा।

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टूटी सड़क व नाली देख नगर निगम ने नहीं लिया हैंडओवर
लोहिया इन्क्लेव में रहने वाले अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जीडीए के अनुरोध पर कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम हैंडओवर लेने के लिए कॉलोनी में सर्वे करने पहुंची थी, लेकिन टूटी सड़क व नाली देख वह पीछे हट गई। उन्होंने काम पूरा कराने के बाद कॉलोनी को हैंडओवर लेने की बात कही। हालांकि जीडीए ने नाली, सड़क व बाउंड्रीवाल को बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपये पास कर दिए हैं। मोहल्ले में सफाई जीडीए एक फ्रेंचाइजी के माध्यम से करवाती है।

हस्तांतरण के बाद मिलेंगी सुविधाएं
इन कालोनियों के नगर निगम में हस्तांतरण होने के बाद निगम द्वारा यहां सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी और कालोनीवासियों से टैक्स भी लिया जाएगा। साफ-सफाई, जलापूर्ति आदि का जिम्मा निगम के पास होगा। कालोनियों के हस्तांतरित न होने से यहां के लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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इन काॅलोनियों के हस्तांतरण का है प्रस्ताव
वसुंधरा एनक्लेव प्रथम, द्वितीय व तृतीय आवासीय योजना, लोहिया एन्क्लेव आवासीय योजना, वैशाली आवासीय योजना, यशोधरा कुंज आवासीय योजना, अमरावती निकुंज आवासीय योजना, कारपोरेट योजना, बुद्ध विहार आवासीय योजना पार्ट ए, बी एवं सी, आम्रपाली आवासीय योजना, सिद्धार्थपुरम विस्तार आवासीय योजना, गौतम विहार विस्तार आवासीय योजना।

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जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि जीडीए द्वारा नगर निगम से 12 कॉलोनियों का हस्तांतरण लेने की अपील की गई है। जब तक ये कॉलोनियां हस्तांतरित नहीं होतीं, सफाई आदि मद में आवासीय व व्यावसायिक भवन के लिए अलग-अलग कर लिए जाएंगे।


 
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