UP News: गोरखपुर जिले के 11 बच्चों की कराई दिल के छेद की सर्जरी, नई जिंदगी दे रही आरबीएसके टीम
गोरखपुर जिले में 11 बच्चों को अलीगढ़, लखनऊ और नोएडा ले जाकर यह सुविधा दिलाई जा चुकी है। जिले में सबसे ज्यादा चार बच्चों को सरदारनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की टीम ने यह सुविधा दिलाई है।
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जन्मजात दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम कर रही टीम ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उनके दिल के छेद की सर्जरी करवा रही है।
गोरखपुर जिले में 11 बच्चों को अलीगढ़, लखनऊ और नोएडा ले जाकर यह सुविधा दिलाई जा चुकी है। जिले में सबसे ज्यादा चार बच्चों को सरदारनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की टीम ने यह सुविधा दिलाई है।
सरदारनगर ब्लॉक के चौरी गांव के रहने वाले और पेशे से वाहन चालक विजय ने बताया कि बेटी राधिका (11) प्राथमिक विद्यालय चौरी में पढ़ती है। उसे बचपन से ही बुखार और खांसी की दिक्कत थी। जब वह दौड़ती थी तो सांस फूलने लगता था। बच्ची का कई जगह इलाज करवाया, लेकिन वह ठीक नहीं हुई।
इस बीच प्राथमिक विद्यालय पर आरबीएसके टीम के डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, डॉ. हर्ष पांडेय और उनके सहयोगी अमित बरनवाल की टीम पहुंची। टीम ने जांच कर बताया कि बच्ची के दिल में छेद है और इसका निशुल्क इलाज आरबीएसके योजना के तहत होगा। इसके बाद टीम ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां बच्ची की सर्जरी हुई। वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
आरबीएसके की डॉ अर्चना ने बताया कि सरदारनगर की टीम के डॉ. अरुण, डॉ. शाहनवाज, डॉ. हर्ष, अरुण यादव, संगीता और अमित बरनवाल दिल के छेद वाले बच्चों को ढूंढने में काफी सक्रियता से काम कर रहे हैं। अकेले इस ब्लॉक से चार सर्जरी हो चुकी है और तीन सर्जरी प्रक्रिया में है। जिले में 15 और बच्चों को दिल के छेद की सर्जरी के लिए चुना गया है।
44 तरह की बीमारियों का निशुल्क इलाज
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिले की 38 आरबीएसके टीम आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और प्रसव केंद्र से बीमार बच्चों को चिह्नित करती है और उनकी 44 प्रकार की बीमारियों का निशुल्क जांच और इलाज कराती है। इन बीमारियों में कटे होठ व तालु, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, क्लब फुट सर्जरी, अति गंभीर कुपोषण, दिल के छेद की सर्जरी जैसी बीमारियां प्रमुख हैं।