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Gorakhpur News: 10 साल की दोस्ती, शादी के बाद दो साल में ही कर ली आत्महत्या

Mon, 08 Jul 2024 07:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 07:08 AM IST
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10 years of friendship, committed suicide within two years of marriage
गोरखपुर। सिविल लाइंस इलाके में रहने वाले डॉ. रामशरण श्रीवास्तव की बेटी संचिता शरण और दामाद हरीश की खुदकुशी की खबर से हर कोई हतप्रभ है। संचिता और हरीश नवंबर 2022 में प्रेम विवाह किया था। दोनों 2013 से ही एक-दूसरे को जानते थे और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी एक साथ की तस्वीरें शेयर करते थे, जिसमें दोनों बेहद खुश नजर आते थे। तो फिर ऐसा क्या हुआ कि शादी के दो साल भी नहीं बीते और दोनों को खुदकुशी करनी पड़ी। यही सवाल सबके जेहन में घूम रहा है, जिसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
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डॉ. रामशरण के तीन बच्चों में बड़ा बेटा सचित शरण (34) बंगलूरू में पढ़ाई और छोटी बेटी आस्था हैदराबाद में फिल्म इंडस्ट्रीज में काम करती है। संचिता दूसरे नंबर की थी। उसने पर्ल अकादमी दिल्ली से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के दौरान उसकी पटना बाढ़ निवासी हरीश बागेश से दोस्ती हुई। हरीश ने जम्मू से बीकॉम और एमबीए की पढ़ाई की। कुछ दिन तक उसने कई प्राइवेट बैंकों में भी काम किया। उसकी अंतिम नौकरी एचडीएफसी बैंक में थी, जिसमें जनवरी 2024 तक उसने फील्ड वर्क किया था। इसके बाद उसने काम छोड़ दिया। तब से हरीश संचिता के साथ सिविल लाइंस स्थित बिस्मिल पार्क के सामने डॉ. रामशरण श्रीवास्तव के घर में रह रहा था।
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काम को लेकर तनाव में थे दोनों

बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही हरीश और संचिता नौकरी को लेकर काफी तनाव में थे। हरीश ने मुंबई से लेकर कई जगहाें पर निजी बैंकों में काम किया लेकिन कहीं वह टिक नहीं पाया। वहीं संचिता भी नौकरी के लिए इधर-उधर प्रयास कर रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच नोक-झोंक भी हो रही थी। सूत्रों के अनुसार, हरीश पांच जुलाई को नाराज होकर घर से निकला था। उसने जाते समय बताया था कि वह पटना अपनी बहन से मिलने जा रहा है, लेकिन वह वाराणसी के सारनाथ निकल गया।
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ऑनलाइन बुक किया था होम स्टे

हरीश ने एक वेबसाइट की मदद से सारनाथ में अटल नगर कॉलोनी, मवइयां स्थित एक होम स्टे बुक किया था। पुलिस की पूछताछ में होम स्टे संचालक ने बताया कि एक एप के माध्यम से हरीश ने कमरा नंबर-202 बुक किया था। पांच जुलाई की रात वह अपने कमरे में आया था। हरीश के रिश्तेदार पांडेयपुर निवासी राजू कुमार रविवार की सुबह होम स्टे में आए और उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर उन्होंने संचालक को सूचना दी। संचालक ने रोशनदान से झांक कर देखा तो हरीश पंखे के हुक से रस्सी के फंदे के सहारे लटका हुआ था। सूचना पाकर सारनाथ थाने की पुलिस मौके पर आई और दरवाजा तोड़ कर शव को नीचे उतरवाई। उसके कमरे से पुलिस को गांजा, सिगरेट, लाइटर, पर्स और मोबाइल मिला।



पत्नी को रात में किया था मैसेज.. सुबह बात करूंगा

बताया जा रहा है कि शनिवार रात हरीश ने संचिता को मैसेज किया था कि देर रात हो जाने की वजह से वह फोन नहीं कर पाया। सुबह बात करने के लिए कहा था। वहीं हरीश के मोबाइल का एक्सेस उसकी बहन के मोबाइल में भी था। हरीश ने शनिवार को स्विगी से खाना मंगाया था। यह जानकारी बहन को मिल गई थी। बहन ने ही यह जानकारी दी थी कि हरीश सारनाथ में है। चर्चा है कि इस बात को लेकर तो कहीं हरीश और संचिता में कुछ नोकझोंक नही हुई, जिसके बाद हरीश ने खुदकुशी कर ली।



डॉक्टर बोले...दोनों से बोला था, घर पर रहो

डॉक्टर रामशरण दामाद और बेटी की मौत के बाद सदमे में हैं। उनका और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। डॉक्टर रामशरण ने बताया कि उन्होंने दामाद और बेटी से बोला था कि यह तुम्हारा ही घर है। आराम से रहो। यहां काम में हाथ बंटाओ। पर उनके मन में कुछ और ही चल रहा था। डॉक्टर सारनाथ में दामाद के शव के बारे में भी कॉल कर जानकारी लेते रहे। बताया जा रहा है कि हरीश के घरवाले बनारस पहुंच चुके थे। उधर, डॉक्टर के घर दिनभर परिचितों और रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही।



गार्ड हरिप्रकाश ने सुनी चीख

रविवार को सुबह 9:30 बजे संचिता ने घर के द्वितीय तल, जहां पानी की टंकी लगी है, वहां चढ़कर अचानक छलांग लगा दी। तब डॉक्टर के घर के गेट पर तैनात गार्ड हरिप्रकाश चीख सुनकर दौड़े। हरिशंकर ने बताया कि अचानक कुछ गिरने की आवाज के साथ एक चीख सुनाई दी। जाकर देखा तो संचिता बिटिया गिरी पड़ी थी। उसके नाक और कान से खून निकल रहा था।



वाराणसी में पढ़ाई के दौरान हुई थी दोनों की दोस्ती

परिजनों ने बताया कि हरीश और संचिता इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए राजघाट क्षेत्र स्थित एक बोर्डिंग स्कूल में दाखिला लिए थे। वहीं उन दोनों की दोस्ती हुई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद संचिता मॉडलिंग करने लगी थी और हरीश प्राइवेट बैंक में नौकरी करता था। सारनाथ थाने की पुलिस की सूचना पर हरीश के पिता रामस्वामी मालवीय परिजनों के साथ शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने बताया कि हरीश अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था, उससे बड़ी एक बहन है।




सपा अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट कर साधा निशाना

सपा अध्यक्ष और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने दंपती की आत्महत्या पर एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नौकरी छूटने और फिर न लग पाने के दबाव में पति की आत्महत्या की सूचना मिलने पर पत्नी द्वारा भी आत्महत्या करने का दुखद समाचार मिला। भाजपा सरकार की नाकामी का इससे बड़ा कोई और हलफनामा चाहिए क्या। भाजपा को सिर्फ सत्ता की राजनीति से मतलब है, जनता के दुख-दर्द, बेरोजगारी या महंगाई से नहीं। भाजपा राज में हताश जनता से विनम्र आग्रह है कि ऐसा कोई भी कदम न उठाएं क्योंकि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, समाधान है भाजपा सरकार का बदलना।

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