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गोरखपुर: 1.70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिला गलत बिल, लोग लगा रहे विभाग का चक्कर

Sat, 11 Sep 2021 10:07 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 11 Sep 2021 10:07 PM IST
सार

अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीने से बिलिंग एजेंसी बीसीआईटीएस का अनुबंध खत्म हो रहा है। नई एजेंसी अब रीडिंग का काम करेगी। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि गलत बिलों का सुधार वितरण खंडों में चल रहा है।

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1.70 lakh electricity consumers got wrong bill in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जोन के 1.70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को गलत बिल मिला है। बिजली निगम की ओर से प्रत्येक ट्रांसफार्मर के हिसाब से बिलिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इसमें पहले महीने में ही निगम को करोड़ों रुपयों का घाटा हो गया है। 1.70 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर गलत रीडिंग पर बिल बना दिए जाने से वे इसमें सुधार को लिए अभियंताओं के पास चक्कर लगा रहे हैं। अगर बिल सही रीडिंग पर बनाया गया होता तो सुधार की जगह उपभोक्ता भुगतान करते और निगम को राजस्व की प्राप्ति होती।

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ऐसे में रीडरों की लापरवाही की दोहरी मार उपभोक्ताओं पर पड़ रही है। पहले जाकर बिल में सुधार करवाएं, इसके बाद दूसरे महीने में अधिक बिल जमा करें। अभियंताओं के पास भी लगातार आरडीएफ, आईडीएफ, सीडीएफ और अनआर श्रेणी के बिल आ रहे हैं। दरअसल बीते जुलाई में ऊर्जा निगम के चेयरमैन ने स्थानीय अभियंताओं के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक में बिलिंग एजेंसी की शिकायत मिलने पर नई बिलिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। 
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इसके बाद अधीक्षण अभियंता शहरी ने एक साथ चारों खंडों के अधिशासी अभियंताओं के साथ लगभग 120 मीटर रीडरों के साथ बैठक की थी। इसमें उन्होंने ट्रांसफार्मर वार बीट रूट चार्ट बनाकर रीडरों को प्रत्येक उपभोक्ताओं के घर जाकर उनके मीटर की रीडिंग करने का निर्देश दिया था। उन्होंने ट्रांसफार्मर से जुड़े कनेक्शनों की बिलिंग होने के बाद ही दूसरे ट्रांसफार्मर पर बिलिंग शुरू करने के निर्देश दिए।
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ग्रामीण क्षेत्रों में मीटर रीडरों ने ज्यादातर कनेक्शनों का डेटा लेकर घर बैठे ही बिल बना डाले। उसका परिणाम यह हुआ कि सभी 19 वितरणखंडों में करीब 1.70 लाख कनेक्शनों के बिल रीडिंग डिफेक्ट, सिलिंग डिफेक्ट व अन्य श्रेणी में बिल बन गए। सितंबर में बिलिंग शुरू होते ही मामला उजागर हो गया। अभियंताओं ने ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम में जांच की तो हैरान रह गए। सभी अभियंता अपने खंड में बिल सुधार करने में जुट गए। अब तक करीब 50 हजार कनेक्शनों के बिल सुधार हुए है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीने से बिलिंग एजेंसी बीसीआईटीएस का अनुबंध खत्म हो रहा है। नई एजेंसी अब रीडिंग का काम करेगी। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि गलत बिलों का सुधार वितरण खंडों में चल रहा है।


बिलिंग एजेंसी के लगातार गलत बिल के मामले सामने आ रहे हैं। शहरी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले आ रहे हैं। बार-बार चेतावनी के बाद भी इनमें सुधार नहीं आया। -यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता शहरी

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