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Netflix: ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर एनसीपीसीआर ने कसा शिकंजा, लगा पॉस्को एक्ट के उल्लंघन का आरोप

Thu, 25 Jul 2024 04:49 PM IST
अनुपमा कुमारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अनुपमा कुमारी Updated Thu, 25 Jul 2024 04:49 PM IST
सार

नेटफ्लिक्स पर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं कि उसका कंटेंट नाबालिगों के लिए सही नहीं है। नेटफ्लिक्स के कई शो हिंसा और सेक्सुअल कंटेंट से भरे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब एनसीपीसीआर ने नेटफ्लिक्स को एक नोटिस भेजा है।

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The National Commission for Protection of Child Rights has summoned Netflix for violation of the POCSO Act
नेटफ्लिक्स - फोटो : यूट्यूब ग्रैब

विस्तार


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ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स एक बार फिर से अपने कंटेंट को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के अधिकारियों को अपने ऑफिस में बुलाया है। प्राप्त सुचना के मुताबिक नेटफ्लिक्स पर आरोप लगे हैं कि यह प्लेटफॉर्म नाबालिगों के लिए यौन रूप से स्पष्ट सामग्री उपलब्ध करवाता है। आइए जानते है आखिर पूरा मसला क्या है। 

पॉस्को एक्ट का उल्लंघन
नेटफ्लिक्स पर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं कि उसका कंटेंट नाबालिगों के लिए सही नहीं है। नेटफ्लिक्स के कई शो हिंसा और सेक्सुअल कंटेंट से भरे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब एनसीपीसीआर ने नेटफ्लिक्स को एक नोटिस भेजा है। जिसमें कहा गया है कि इस प्लेटफॉर्म द्वारा नाबालिगों के लिए ऐसी सामग्री दिखाई जा रही है जो उनके लिए सही नहीं है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि ऐसे कंटेंट को दिखाना यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम यानी पॉस्को एक्ट का उल्लंघन है।
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नेटफ्लिक्स इंडिया के अधिकारियों को नोटिस 
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी एनसीपीसीआर ने सीपीसीआर अधिनियम ने 2005 की धारा 14 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए नेटफ्लिक्स के प्रतिनिधियों को अपने ऑफिस में बुलाया है। सूत्रों की मानें तो नेटफ्लिक्स इंडिया की उपाध्यक्ष मोनिका शेरगिल और नीति प्रमुख अंबिका खुराना को 29 जुलाई 2024 को दोपहर 3 बजे आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। 

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नेटफ्लिक्स की प्रतिक्रिया का इंतजार 
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीपीसीआर ने अपने पत्र में कहा कि नेटफ्लिक्स नाबालिगों के लिए प्रतिबंधित कंटेंट मुहैया करवाता है। जो कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 11 का उल्लंघन है। इस धारा में कहा गया है कि जब कोई व्यक्ति सेक्सुअल इरादे से बच्चे को कुछ भी अश्लील दिखाता है तब ऐसे व्यक्ति पर पॉस्को एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया जाता है। नेटफ्लिक्स पर बिल्कुल आसानी से नाबालिग ऐसे कंटेंट को देख सकते हैं, जो कि उनके लिए सही नहीं है। हालांकि अभी इस विषय पर नेटफ्लिक्स के तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 
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