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पांच साल में पहली बार बढ़ा दिल्ली में वैट, अधिकारियों ने कहा नहीं था कोई और रास्ता
Wed, 06 May 2020 04:25 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2020 04:25 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली सरकार ने पांच साल बाद कोरोना काल में पेट्रोल व डीजल पर वैट में भारी बढ़ोतरी की है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2015-16 में सरकार ने वैट बढ़ाया था। अधिकारियों की दलील है कि आय के सीमित स्रोतों के बीच दिल्ली सरकार के पास वैट की दरें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। खासतौर से उस दौर में जब महीनेभर में सरकारी राजस्व में 90 फीसदी की गिरावट आई है।
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दरअसल, 2015 में केजरीवाल की सरकार आने के बाद पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले वैट में बढ़ोतरी की गई थी। इसके लिए सरकार ने वैट एक्ट 2004 में संशोधन कर की अधिकतम सीमा 30 फीसदी कर दी थी, जबकि इससे पहले यह 20 फीसदी था। इसी आधार पर सरकार ने पेट्रोल की वैट दरें 27 फीसदी कर दी थी। 2015 के बाद दिल्ली सरकार ने कभी भी वैट की दरों में बढ़ोतरी नहीं की। लॉकडाउन से राजस्व में आई भारी गिरावट के बाद सरकार ने इसे बढ़ाने का फैसला लिया है।
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आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष के अप्रैल महीने में दिल्ली सरकार को अकेले जीएसटी व वैट से 2400 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी, लेकिन मौजूदा वित्तीय वर्ष में यह 250 करोड़ रुपये पर सिमट गई है। इसमें से सरकार को बड़ा हिस्सा पेट्रोल व डीजल पर वैट से मिलता है। ऐसे में सरकार ने वैट की दरों को बढ़ाने का फैसला लिया है।
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पेट्रोल-डीजल की बिक्री में गिरावट से सरकार परेशान
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल पेट्रोल की बिक्री करीब 60 फीसदी और डीजल की बिक्री 57 फीसदी घटी है। लॉकडाउन-3 की बंदिशों से इसमें अभी बड़े पैमाने पर सुधार आने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में लक्ष्य के हिसाब से आय में बढ़ोतरी कर पाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।