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गडकरी ने दिया एकजुटता का मंत्र
New Delhi
Updated Fri, 26 Jul 2013 05:33 AM IST
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नई दिल्ली। दिल्ली फतह को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन गडकरी सक्रिय हो गए हैं। उनके नेतृत्व में पहली बार प्रदेश भाजपा संगठन और सभी विधायक एक साथ दिखे और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में गडकरी ने एकजुटता के साथ चुनावी समर में उतरने की नसीहत दी। गडकरी ने साफ किया कि किसी भी दबाव में विधानसभा प्रत्याशी तय नहीं किए जाएंगे।
बृहस्पतिवार को पहली बार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा और प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल एक टेबल पर ढाई घंटे तक बैठे। बैठक में गडकरी ने सभी विधायकों से सुझाव मांगे। इसके साथ ही किस मुद्दे को लेकर पार्टी चुनावी मैदान में उतरे, इस पर चर्चा की। घोषणा पत्र को लेकर भी विधायकों से गडकरी ने सलाह-मशविरा किया।
दरअसल, चुनाव को लेकर अब केंद्रीय नेतृत्व को भी लगने लगा है कि जीत के लिए संगठन और विधायकों को एक साथ लाना होगा, क्योंकि प्रदेश भाजपा का नेतृत्व जब से वर्तमान अध्यक्ष को मिला है, पार्टी में गुटबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक मंडल के कई नेताओं ने संगठन से दूरी बना ली है। डिनर डिप्लोमैसी से भी एक गुट यह संकेत दे चुका है कि पार्टी में विरोध के सुर हैं। गडकरी इसी खाई को पाटने में जुटे हैं। भाजपा विधायक इस बात को लेकर खुश हैं कि अब केंद्रीय नेतृत्व उनकी भी सुनेगा।
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बृहस्पतिवार को पहली बार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा और प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल एक टेबल पर ढाई घंटे तक बैठे। बैठक में गडकरी ने सभी विधायकों से सुझाव मांगे। इसके साथ ही किस मुद्दे को लेकर पार्टी चुनावी मैदान में उतरे, इस पर चर्चा की। घोषणा पत्र को लेकर भी विधायकों से गडकरी ने सलाह-मशविरा किया।
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दरअसल, चुनाव को लेकर अब केंद्रीय नेतृत्व को भी लगने लगा है कि जीत के लिए संगठन और विधायकों को एक साथ लाना होगा, क्योंकि प्रदेश भाजपा का नेतृत्व जब से वर्तमान अध्यक्ष को मिला है, पार्टी में गुटबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक मंडल के कई नेताओं ने संगठन से दूरी बना ली है। डिनर डिप्लोमैसी से भी एक गुट यह संकेत दे चुका है कि पार्टी में विरोध के सुर हैं। गडकरी इसी खाई को पाटने में जुटे हैं। भाजपा विधायक इस बात को लेकर खुश हैं कि अब केंद्रीय नेतृत्व उनकी भी सुनेगा।
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