{"_id":"137-25639","slug":"New-Delhi-25639-137","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारह साल की सुनवाई के बाद केस ट्रांसफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारह साल की सुनवाई के बाद केस ट्रांसफर
New Delhi
Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। सत्रह साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में 12 साल तक चली सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने केस को भ्रष्टाचार की धाराओं में सुनने से इनकार कर दिया। सेशन कोर्ट का कहना है कि आरोपी सरकारी अधिकारी नहीं है, इसलिए उन पर भ्रष्टाचार की धाराओं में केस नहीं चल सकता। सीबीआई ने वर्ष 1995 में एचएस हरनोतिया, आरपी सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून में मामला दर्ज किया था। जांच के बाद वर्ष 2000 में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई कर रहे स्पेशल सीबीआई जज वीके महेश्वरी ने अब मामले की सुनवाई भ्रष्टाचार की धाराओं में करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने आरोपियों को सीएमएम कोर्ट में 20 अक्तूबर को पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि एचएस हरनोतिया, आरपी नागर, काशी नाथ और अन्य आरोपी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी नहीं हैं। अभियोजन पक्ष ने भी इसकी पुष्टि की है। इसलिए उन पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं में केस नहीं चल सकता। पिछले 12 साल से मामले की सुनवाई चल रही थी।
विज्ञापन